कई तरीकों से कम की जा सकती है फास्टिंग ब्‍लड शुगर

फास्टिंग ब्‍लड शुगर को भी कई तरीकों से सफलतापूर्वक कम किया जा सकता है। डायबीटीज आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ती बीमारी है। भारत में भी इसके रोगी बड़ी संख्‍या में बढ़ रहे हैं। जो लोग टाइप 2 डायबीटीज से ग्रस्‍त हैं वे जानते हैं कि सुबह की ब्‍लड शुगर का लेवल कंट्रोल करना मुश्किल काम है। आधुनिक विज्ञान डायबीटीज को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। जानकार कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिन्‍हें सुबह की बढ़ी हुई शुगर या फास्टिंग शुगर कंट्रोल करने में कारगर देखा गया है।
वजन कम करें
डायबीटीज पर सबसे ज्‍यादा असर वजन कम करने का देखा गया है। असल में टाइप 2 डायबीटीज की बड़ी वजह इंसुलिन के प्रति हमारे शरीर की संवेदनशीलता कम होना है। मोटापा इसका एक कारण माना गया है। इसी आधार पर देखा गया है कि अगर शुगर के मरीज अपना पांच से 10 प्रतिशत वजन कम कर लें तो उनका ब्‍लड शुगर का लेवल बिना दवा के ही पहले से कम हो जाता है।
रात का भोजन सबसे अहम
रात का भोजन सबसे महत्‍वपूर्ण होता है। इसे न तो इतना हैवी होना चाहिए कि शरीर में बहुत अधिक मात्रा में ग्‍लूकोज रिलीज हो और न ही इतना कम कि शरीर को ऊर्जा के लिए शरीर में स्‍टोर फैट को शुगर के रूप में रिलीज करना पड़े। इसलिए शाम को हाई फाइबर, लो कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन लेना चाहिए। अगर हल्‍का भोजन लिया है तो सोने से कुछ देर पहले बिना क्रीम वाला एक कप दूध लिया जा सकता है।
डिनर के बाद वॉक
मॉर्निंग वॉक को डायबीटीज कंट्रोल करने में अहम माना जाता है। लेकिन इतनी ही अहमियत डिनर के बाद घूमने की भी है। देखा गया है कि डिनर के बाद घूमने से अगले दिन सुबह ब्‍लड शुगर का लेवल पहले की तुलना में कम होता है। इसलिए रात के खाने के बाद हल्‍की चहल-कदमी फायदेमंद है। इसके अलावा यह भी देखा गया है कि कम से कम 45 मिनट की गई कसरत का असर 36 घंटों तक रहता है। मतलब इस दौरान शरीर इंसुलिन के प्रति अच्‍छी प्रतिक्रिया करता है।
पर्याप्‍त पानी पिएं
दिन भर पर्याप्‍त मात्रा में पानी पिएं, खासकर शाम के समय। इससे शरीर में एक्‍स्‍ट्रा ग्‍लूकोज यूरिन के साथ बाहर निकल जाएगा और अलगी सुबह ब्‍लड शुगर का लेवल नियंत्रित रहेगा।
-एजेंसियां

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