पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखे गए Farooq Abdullah

नई द‍िल्ली । जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में ले लिया गया है। पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत अब जिस स्थान पर फारूक अब्दुल्ला को रखा जाएगा उसे एक आदेश के जरिए अस्थायी जेल घोषित कर दिया गया है। पीएसए के तहत किसी भी शख्स को बिना किसी मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है।
इतना ही नहीं, जिस स्थान पर फारूक अब्दुल्ला को रखा जाएगा उसे एक आदेश के जरिए अस्थायी जेल घोषित कर दिया गया है। पीएसए के तहत किसी भी शख्स को बिना किसी मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है। उधर, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कश्मीर के हालात पर सवाल उठाए हैं।

घाटी से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से राज्य की मुख्यधारा के नेता नजरबंद हैं। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक अब्दुल्ला पर पीएसए लगा दिया गया है। इसके साथ ही श्रीनगर की गुपकार रोड़ पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी दी गई है। सियासी हलचलों से मसरूफ रहने वाली गुपकार रोड पर सन्नाटा पसरा है। इसी रोड पर राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का घर है। फारूक और उमर के घर एक दूसरे के पास हैं लेकिन महबूबा मुफ्ती का घर करीब डेढ़ किलोमीटर आगे है। इसे फेयरव्यू के नाम से जाना जाता है।

गौरतलब है कि इस कानून को फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला के कार्यकाल के दौरान पहली बार लागू किया गया था। फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर से लोकसभा सांसद भी हैं और 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने और दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटने के फैसले के बाद से अब्दुल्ला नजरबंद हैं।

हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों को फारूक और उनके बेटे व जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला से मिलने की इजाजत दी गई थी लेकिन इस प्रतिबंध के साथ कि वे मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत नहीं कर सकते।

-एजेंसियां

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