यूपी के हरदोई में नई यूनिट लगाने जा रही है मशहूर ब्रिटिश कंपनी वेब्‍ले एंड स्कॉट

लखनऊ। दो विश्व युद्धों के दौरान मित्र देशों की सेनाओं को सशस्त्र करने और कम से कम 15 देशों के लिए हथियारों का उत्पादन करने वाली मशहूर ब्रिटिश कंपनी वेब्‍ले एंड स्कॉट (Webley & Scott) नवंबर से भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी दस्तक देने जा रही है।
Webley & Scott कंपनी अपनी नई यूनिट उत्तर प्रदेश के संडीला (हरदोई) में लगाने जा रही है। यूपी की राजधानी लखनऊ से इसकी दूरी मुश्किल से 30 किमी है। यह भारत में फायर आर्म्स बनाने वाली पहली विदेशी कंपनी होगी।
हैंडगन बनाने की दिग्गज कंपनी ने परियोजना के लिए लखनऊ स्थित सियाल मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हाथ मिलाया है और रिवाल्वर के उत्पादन के साथ काम शुरू करेगी। कंपनी नई यूनिट के पहले चरण में अपने .32 रिवाल्वर का निर्माण करेगी। यूके कंपनी की यहां बारूद, पिस्तौल, एयरगन और रिवाल्वर बनाने की भी योजना है।
पिस्तौल, एयरगन, शॉटगन और गोला-बारूद का करेंगे निर्माण
वेबल एंड स्कॉट जॉन ब्राइट के को-ऑनर बंर्मिंघम (यूके) से फोन पर टीओआई से विशेष रूप से बात करते हुए कहा कि नई यूनिट में हम पिस्तौल, एयरगन, शॉटगन और गोला-बारूद का निर्माण करेंगे। कहा कि हमने विशाल बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत और उत्तर प्रदेश राज्य में निवेश करने का निर्णय लिया।
2019 में मिला भारत में हथियारों के निर्माण का लाइसेंस
बताया कि 2018 में सियाल परिवार के साथ विचार-विमर्श के बाद हमारे व्यवसाय का विस्तार करने का विचार मिला। हमने भारतीय घरेलू बाजार के लिए भारत में फायर आर्म्स और एयरगन के निर्माण के लिए एक नए संयुक्त उद्यम में प्रवेश किया। हमें 2019 में भारत में हथियारों के निर्माण का लाइसेंस मिला। उन्होंने कहा कि 1899 के मार्क IV.32 पिस्तौल के मूल डिजाइन का उपयोग पहले चरण में भारतीय बाजार को पूरा करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के 15 विशेषज्ञों की एक टीम ने संडीला, यूपी का दौरा किया था।
.32 रिवॉल्वर की लागत 1.6 लाख रुपये
डब्ल्यूएंडएस उत्पादों के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर्स सियाल मैन्युफैक्चरर्स के जोगिंदर पाल सिंह सियाल ने कहा कि सरकार के सहयोग और केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ नीति ने परियोजना को अंतिम रूप देने में मदद की। उन्होंने कहा कि .32 रिवॉल्वर की लागत 1.6 लाख रुपये होगी। हम आयुध कारखानों की ओर से बनाए गए हथियारों को कड़ी टक्कर देंगे। लोगों को अब उनके दरवाजे पर विश्व स्तरीय हथियार मिलेंगे।
-एजेंसियां

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