शरीर में पनप रही कई बीमारियों का भी संकेत होते हैं गिरते बाल

गिरते हुए बाल शरीर में पनप रही कई बीमारियों का भी संकेत होते हैं। अगर झड़ते बालों की संख्या इससे अधिक है और हर रोज बढ़ रही है तो आपको सिर्फ हेयर केयर प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि इससे कहीं ज्यादा की जरूरत है।
तेजी से गिरते बाल किसी का भी दिल तोड़ सकते हैं। आखिर हमारा पूरा लुक बालों पर ही तो निर्भर करता है। गिरते बालों को रोकने के लिए हम अक्सर तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और नुस्खे अपनाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे बाल सिर्फ देखभाल के अभाव में नहीं गिरते बल्कि इनके झड़ने की वजह कई साइलंट डिजीज भी होती हैं।
यह है सबसे जरूरी बात
बाल झड़ने की जब बात आती है तो हर किसी को लगता है कि उसके बाल झड़ रहे हैं क्योंकि बाल झड़ना एक नेचुरल प्रॉसेस है।
हेयर एक्सपर्ट्स के अनुसार हर रोज यदि थोड़े से बाल झड़ते हैं तो यह घबराने की बात नहीं है लेकिन अगर आपके बाल ज्‍यादा मात्रा में झड़ रहे हैं और नियमित तौर पर झड़ रहे हैं तो निश्‍चित ही चिंता की बात है क्योंकि गिरते बाल शरीर में पनप रही कई बीमारियों का भी संकेत होते हैं।
थायरॉइड
गंभीर और लंबे समय तक हाइपोथायरायडिज़म और हाइपरथॉयरायडिज़म बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। जबकि थायरॉइड डिसऑर्डर का सही ट्रीटमेंट ना केवल आपके झड़ते बालों को रोक सकता है बल्कि नए बालों को उगाने में भी मददगार हो सकता है। हालांकि इस प्रॉसेस में कुछ महीनों का समय लग सकता है।
कैंसर
कैंसर के मरीजों में बालों का झड़ना बेहद आम समस्या है। कई बार तेजी से झड़ते बाल इस बात का भी संकेत होते हैं कि शरीर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पनपने के चांस बढ़ रहे हैं। जैसे, हॉजकिन लिंफोमा जैसे कुछ कैंसर बालों के झड़ने का कारण हो सकते हैं लेकिन मुख्य रूप से कीमोथेरेपी के कारण तेजी से बाल झड़ते हैं।
ईटिंग डिसऑर्डर
स्लिम फिट बॉडी की चाहत में अक्सर यंग गर्ल्स और बॉयज एनॉरेक्सिया और बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार हो जाते हैं। इन युवाओं में ज्यादातर संख्या लड़कियों और महिलाओं की होती है। सेहत से जुड़ी दूसरी दिक्कतों के साथ ही ईटिंग डिसऑर्डर हेयर लॉस की एक बड़ी वजह बन रहे हैं। क्योंकि इस कारण हमारी बॉडी सेल्स तक जरूरी न्यूट्रिऐंट्स नहीं पहुंच पाते हैं और पोषण के अभाव में बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।
डिप्रेशन
डिप्रेशन या अवसाद के कारण भी बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन की गिरफ्त में आने से पहले लंबे समय तक चिंता और तनाव से घिरा रहता है। इन स्थितियों में बॉडी में जरूरी हॉर्मोन प्रोड्यूस नहीं होते हैं और पाचन डिस्टर्ब रहता है। साथ ही खान-पान ठीक से ना होने के कारण बालों को जरूरी पोषण नहीं मिलता है।
ब्लड प्रेशर
लंबे समय तक हाई ब्लडप्रेशर बना रहना भी हेयर फॉल की वजह बन सकता है क्योंकि इस स्थिति में ब्लड आर्टरीज पर ब्लड फ्लो का अधिक प्रेशर होता है, ब्लड में सोडियम की मात्रा अधिक होती है और इसका फ्लो शरीर में ठीक से नहीं हो पाता। यह स्थिति बालों और हार्ट दोनों की सेहत के लिए खतरनाक होती है।
लूपुस
लूपुस एक ऑटोइम्यून डिजीज है। इसमें शरीर में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है। जिससे फेस की त्वचा और बालों की जड़े मुख्य रूप से प्रभावित होती हैं। इससे सिर के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं जबकि कुछ लोगों में आईब्रो, मूंछ और दाड़ी के बाल झड़ने की समस्या भी हो जाती है।
-एजेंसियां

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