आगरा यूनिवर्सिटी का फर्जी बीएड मार्कशीट केस: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया 2500 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डॉ. भीम राव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा के बीएड सेशन 2004-05 के फर्जी मार्कशीट प्रकरण को लेकर 2500 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट की ही निगरानी में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रही है। कोर्ट ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उन 2500 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है जिन्होंने फर्जी मार्कशीट के जरिए सरकारी प्राथमिक स्कूलों में नौकरियां पाई थीं। जांच दल इस मामले में 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। इनमें कई वरिष्ठ अधिकारी और यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं। इन कर्मचारियों ने नकली रोल नंबर के आधार पर बीएड मार्कशीट पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में इन नकली मार्कशीटों की पुष्टि की गई और विश्वविद्यालय के मूल अभिलेखों में नकली उम्मीदवारों के ब्योरे को शामिल करने के प्रयास किए गए।
एसआईटी इस मामले में यूनिवर्सिटी के 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी के अधिकारी जल्द ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगे। जांच दल ने पहले इस मामले में फर्जी उम्मीदवारों की एक सूची, जिसमें 2500 से अधिक शिक्षकों के नाम थे, बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट को भेजी थी।
इस संबंध में आगरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि एसआईटी से हमें इस बात की सूचना मिली की कई शिक्षकों को नियुक्ति पत्र फर्जी डिग्री के आधार पर मिले थे। इन फर्जी शिक्षकों की पहचान हो चुकी है जल्द ही उनके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।
साल 2004-05 में 84 कॉलेजों के लिए 8,500 बीएड सीट्स के नतीजे घोषित किए गए थे। पिछले साल एसआईटी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस बात की जानकारी दी थी कि लगभग 4,500 मार्कशीट्स फेक हैं और इन्हें रद्द किया जाए। मामले में यूनिवर्सिटी ने तब कोई ऐक्शन नहीं लिया। इसके बाद एसआईटी ने मामले की विस्तार से जांच की जिसमें 2,500 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। जांच में कई विसंगतियों का पता लगा था। लगभग 2000 मार्कशीट के आन्सर शीट और मार्कशीट के नंबरों में फर्क पाया गया था।
-Legend News

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