फेसबुक ने खारिज किए कांग्रेस के आरोप: कहा, हम किसी का पक्ष नहीं लेते

नई दिल्‍ली। फेसबुक को लेकर भारत में सियासी घमासान मचा हुआ है। संसदीय समिति ने फेसबुक इंडिया पर लगे पक्षपात के आरोपों पर उससे करीब 90 सवालों का लिखित में जवाब मांगा है। दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही फेसबुक इंडिया की नीतियों और व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि फेसबुक इंडिया सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचा रहा है तो सत्ता पक्ष का आरोप है कि फेसबुक इंडिया के कर्मचारी पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों को ‘गाली’ देने वालों का समर्थन कर रही है। इन सबके बीच फेसबुक ने एक बार फिर दोहराया है कि वह पक्षपात नहीं करता। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के लिखे खत के जवाब में फेसबुक ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के फेसबुक चीफ मार्क जुकरबर्ग को लिखे खत के जवाब में कंपनी ने कहा है कि हम किसी का पक्ष नहीं लेते। अपने जवाब में फेसबुक ने कहा है, ‘हम पक्षपाती नहीं हैं और हम अपने प्लेटफॉर्म को ऐसी जगह बनाए रखने को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि लोग यहां स्वतंत्र होकर खुद को अभिव्यक्त कर सकें। हम भेदभाव के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं और हर तरह की घृणा और कट्टरता की निंदा करते हैं।’
वेणुगोपाल ने अपने खत में क्या कहा था
हाल ही में ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’,’बीबीसी’, ‘रॉयटर्स ‘ और ‘टाइम मैगजीन’ ने कुछ रिपोर्ट्स प्रकाशित की थीं, जिनमें दावा किया गया था कि फेसबुक की भारतीय इकाई के कुछ पदाधिकारियों ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया है। पूरे विवाद की शुरुआत अमेरिकी अखबार ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की ओर से पिछले महीने प्रकाशित रिपोर्ट से हुई। इस रिपोर्ट में फेसबुक के अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि फेसबुक इंडिया की सीनियर अधिकारी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक आरोपों वाली पोस्ट डालने के मामले में तेलंगाना के एक बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह के अकाउंट पर स्थायी रोक को रोकने संबंधी आंतरिक पत्र में दखलंदाजी की थी। इसके बाद कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने फेसबुक चीफ जुकरबर्ग को ई-मेल लिखकर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी।
वेणुगोपाल ने अपने खत में जुकरबर्ग से गुजारिश की कि फेसबुक हेडक्वॉर्टर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराए और जांच पूरी होने तक फेसबुक इंडिया के संचालन की जिम्मेदारी नई टीम को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
संसदीय समिति ने फेसबुक इंडिया के चीफ से की पूछताछ
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में फेसबुक पर लगे आरोपों को सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने गंभीरता से लेते हुए उसे तलब किया था। बुधवार को फेसबुक इंडिया के चीफ अजीत मोहन कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुआई वाली संसदीय समिति के सामने पेश हुए। उनसे करीब 2 घंटे तक सवाल-जवाब हुए। समिति में बीजेपी और कांग्रेस के सदस्यों ने फेसबुक पर सांठगांठ करने और विचारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया, जिसका कंपनी ने खंडन किया।
समिति ने फेसबुक इंडिया से 90 सवालों के मांगे लिखित जवाब
बीजेपी के सदस्यों ने फेसबुक के कर्मचारियों के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए और दावा किया कि कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी कांग्रेस और उसके नेताओं के लिए अलग-अलग तरीकों से काम कर चुके हैं, जबकि विपक्षी सदस्यों ने पूछा कि हेट स्पीच वाले वीडियो और सामग्री अब भी ऑनलाइन उपलब्ध क्यों है? सोशल मीडिया कंपनी ने इन्हें हटाया क्यों नहीं? मोहन ने कुछ सवालों का मौखिक जवाब दिया, जबकि उन्हें तकरीबन 90 सवाल दिए गए हैं जिनका जवाब उन्हें लिखित में देना है।
सूत्रों के मुताबिक 2011 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की केरल इकाई और यूपीए सरकार से अजीत मोहन के जुड़ाव के बारे में भी सवाल किए गए, जिसपर उन्होंने कहा कि वह एक पेशेवर के तौर पर पार्टी से जुड़े थे ना कि किसी राजनीतिक हैसियत से। इस संसदीय समिति का कार्यकाल 12 सितंबर को ही खत्म होना है।
संसदीय समिति के सामने पेशी के अगले दिन बीजेपी नेता का अकाउंट बैन
खास बात यह है कि संसदीय समिति के सामने फेसबुक इंडिया के प्रमुख की पेशी के अगले ही दिन तेलंगाना से बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह को फेसबुक ने बैन कर दिया है। कंपनी ने हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाली सामग्री से जुड़ी अपनी नीतियों का उल्लंघन करने के मामले टी. राजा सिंह को अपने मंच और ‘इंस्टाग्राम’ पर प्रतिबंधित कर दिया। फेसबुक के एक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए जारी किए एक बयान में कहा, ‘हमारी नीति हिंसा को बढ़ावा देने या हिंसा में संलग्न होने वालों की हमारे मंचों पर उपस्थिति प्रतिबंधित करने की रही है और इसका उल्लंघन करने पर हमने राजा सिंह को फेसबुक पर प्रतिबंधित कर दिया है।’ बयान के मुताबिक संभावित उल्लंघनों का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया व्यापक है और इसके जरिए फेसबुक ने बीजेपी नेता का अकाउंट हटाने का फैसला किया।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *