Facebook India का प्रॉफिट 40 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। मार्च 2018 में समाप्त हुए वित्त वर्ष में Facebook India का प्रॉफिट 40 फीसदी बढ़कर 57 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह दिखाता है कि देश में डेटा कॉस्ट में तेज गिरावट से सोशल मीडिया का प्रयोग बढ़ा है और इसका सीधा असर इनकी आमदनी पर हुआ है।
भारत में कंपनी के कुल राजस्व में 53 फीसदी की तेजी आई है। सोशल मीडिया कंपनी ने एक फाइनेंशियल स्टेटमेंट में कहा है कि अमेरिकी पैरेंट कंपनी को दी गई सेवाओं से वृद्धि में मदद मिली है। राजस्व में वॉट्सऐप से अर्जित राजस्व भी शामिल है।
टैक्स विवाद में कंपनी
कंपनी का कुल राजस्व वित्त वर्ष 2018 में 521 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले 407 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। फाइनेंशियल स्टेटमेंट में कंपनी ने यह भी कहा है कि वह भारत में कई टैक्स समस्याओं का सामना कर रही है। कंपनी के इनकम टैक्स, वैट, सेल्स टैक्स, कस्टम्स, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे मामले पेंडिंग हैं।
इस संबंध में Facebook India ने सवालों का जवाब नहीं दिया।
वास्तविक आमदनी है अधिक
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये आंकड़े कंपनी की भारत में आमदनी को शुद्ध रूप से प्रकट नहीं करते हैं। अशोक माहेश्वरी एंड असोसिएट्स एलएलपी के पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा, ‘यह ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए भारत से अर्जित फेसबुक के राजस्व को सटीक रूप से नहीं दिखा सकता है।’
कंपनी के मुताबिक ये आकंड़े केवल भारतीय यूनिट द्वारा अमेरिकी कंपनी को प्रदत्त सेवाओं के हैं। भारतीय शाखा सिंगापुर में रजिस्टर्ड एक कंपनी के द्वारा संचालित है।
तेजी से बढ़ रहा है डिजिटल बाजार
दिसंबर में जारी एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में भारत में डिजिटल अडवर्टाइजिंग का कारोबार 18,802.3 करोड़ रुपये का रह सकता है, जोकि 2018 में 14,162.2 करोड़ रुपये का था। गूगल और फेसबुक भारत में डिजिटल अडवर्टाइजिंग खर्च का 65 फीसदी हिस्सा अपने कब्जे में लेता है।
भारत सरकार की नजर
पिछले दो सालों से भारत सरकार फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियों से देश में एडवर्टाइजिंग आमदनी पर टैक्स लगाने को उत्सुक है। सरकार ने गूगल टैक्स नाम से फेमस इक्वलाइजेशन लेवी की शुरुआत की है, जिसके तहत घरेलू बाजार में विज्ञापन से अर्जित आय पर 6 फीसदी टैक्स वसूल किया जाता है। सूत्रों का कहना है कि, सरकार को इक्वलाइजेशन टैक्स का अधिकांश हिस्सा गूगल, Facebook India और लिंकडिन से ही मिल रहा है।
-एजेंसियां

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