दूसरे दिन की तलाशी में Gurmeet के डेरा से विस्फोटक सामग्री बरामद, दो मुख्य पदाधिकारी गिरफ्तार

पंचकूला। शनिवार सुबह Gurmeet राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में दूसरे दिन तलाशी शुरू हुई। पंजाब से बुलाए गए 14 लोहारों ने डेरा प्रबंधन कार्यालय में लगे ताले तोड़े। डेरे में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री भी थी। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। इसमें पटाखों के अलावा विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

डेरा के दो मुख्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में कथित तौर पर हिंसा भड़काने के लिए डेरा के दो मुख्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंचकूला के पुलिस उपायुक्त मनबीर सिंह ने आज कहा, पंचकूला में डेरा सच्चा सौदा केंद्र के प्रभारी चमकौर सिंह और डेरा के मुख्य पदाधिकारी दान सिंह को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि दोनों को 25 अगस्त को पंचकूला में भड़की हिंसा के संबंध में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने राम रहीम की सुरक्षा का हिस्सा रहे पंजाब पुलिस के कमांडो करमजीत सिंह को भी पटियाला से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि कमांडो को पंचकूला अदालत परिसर से राम रहीम सिंह को मुक्त कराने की साजिश रचने में कथित भूमिका के लिए पकड़ा गया।

डेरे से ही जानकारी मिली है कि जिस घेरे में गुरमीत राम रहीम ध्यान लगाता था, वहां जेसीबी से खुदाई शुरू हो चुकी है। आपको बता दें कि इसी में अस्थियां दफन होने की पुष्टि दो दिन पहले डेरे का मुख पत्र ‘सच कहूं’ कर चुका है।
सुबह सिरसा से सूचना विभाग के डेप्युटी डायरेक्टर सतीश मेहरा ने फोन पर बताया कि डेरे में अवैध फैक्ट्री सील की गई है। जेसीबी से डेरे के अंदर खुदाई शुरू कर दी है। प्रबंधन ऑफिस से कुछ मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एक शख्स को हिरासत में लिया है। यह डेरे का अनुयायी है और जांच के दौरान फोन से रिकॉर्डिंग कर रहा था।
बनती थी बंदूकों की बट
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जिस फैक्ट्री को डेरे में आज सुबह सील किया गया, वहां कुछ हथियारों को डिजाइन किया जाता था। पिछले दिनों जिन हथियारों को बरामद किया गया था, उनमें से कुछ की बट इसी फैक्ट्री में बनी है। पुलिस को फैक्ट्री से कई तरह के डिजाइन वाले बट बरामद हुए हैं।
तलाशी से पहले बैठक
तलाशी से पहले आज सुबह सिरसा जिला उपायुक्त कार्यालय में अधिकारियों और ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की बैठक कर रणनीति तैयार की गई। करीब सवा नौ बजे सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में कुछ नए अधिकारियों को अलग प्रभार दिए गए हैं। एफएसएल टीम से कुछ जानकारी भी ली गई है। उसी रणनीति के अनुसार टीम सीधे डेरे में जाकर छानबीन कर रही है।
डेरे में 10 एफएसएल की गाड़ियां पहुंचीं
दूसरे दिन तलाशी को शुरू हुए करीब दो घंटे बाद एक साथ 10 एफएसएल की गाड़ियों ने डेरे में प्रवेश किया है। रोहतक, सोनीपत, झज्जर, हिसार, पानीपत, करनाल, जींद और भिवानी जिले की एफएसएल वाहन यहां देखने को मिले हैं। बताया जा रहा है कि जेसीबी की खुदाई में हड्डियों की भारी तादाद मिली है, जिसे ले जाने के लिए गाड़ियां बुलाई गई हैं।
14 दिन खामोश क्यों बैठी रही सरकार
डेरे में चल रहे तलाशी को लेकर चर्चाएं काफी गरम है। दिन भर की तलाश के बाद भी वह सब नहीं मिला, जिन्हें लेकर कई दिनों से संगीन आरोप गुरमीत राम रहीम पर लगाए जा रहे थे। कल सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद से सोशल मीडिया पर सरकार की खामोशी को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि 14 दिन से सरकार चुप बैठी रही। वह इंतजार कर रही थी हाईकोर्ट के आदेश का। अगर सरकार तत्काल ऐक्शन लेती तो डेरे से बहुत कुछ बाहर आने की संभावना थी लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है। बता दें कि गुरमीत राम रहीम को सजा का ऐलान होने के बाद दो दिन तक हरियाणा के सभी जिलों में पुलिस कंट्रोल रूम से कुछ ट्रकों के सिरसा से बाहर जाने की सूचना दी गई थी। इस कॉल का आज तक कोई जवाब नहीं मिल पाया।
एसआईटी के मुताबिक पंचकूला के अलावा पंजाब के कई इलाकों में भी सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद लोगों को उकसाने के लिए डेरा ने पैसे खर्च किए थे।
सूत्रों के मुताबिक डेरा के अनुयायियों को भरोसा दिया गया था कि हिंसा के दौरान जान जाने पर उनके परिजनों की आर्थिक मदद दी जाएगी।
साध्वियों से रेप के मामले में राम रहीम के खिलाफ फैसला आने से पहले ही 23 अगस्त से डेरा के समर्थक पंचकूला में इकट्ठा होने लगे थे। हरियाणा पुलिस के मुताबिक सुरिंदर धीमान इंसा, चमकौर और कुछ स्थानीय लोगों ने सामुदायिक रसोई का प्रबंध करते हुए डेरा अनुयायियों के लिए लंगर चलाया था। पुलिस का कहना है कि पंचकूला सीबीआई कोर्ट के आस-पास Gurmeet के डेरा की गतिविधियों की निगरानी के अलावा चमकौर सिंह, नाम चर्चा घर और सेक्टर-5 में भी सक्रिय था, जो 24 अगस्त को हुई हिंसा का केंद्र था। पंचकूला हिंसा में 32 लोगों की मौत हुई थी।
-एजेंसी