पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की उम्‍मीद, Saudi Arab बढ़ाएगा उत्पादन

Saudi Arab सदस्य देशों को राजी कर रहा

नई दिल्‍ली। कच्चे तेल में भारी उछाल से परेशान भारत समेत एशियाई देशों को सस्ता कच्चा तेल मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। दरअसल, वियना में चल रही उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की बैठक में Saudi Arab ने कच्चे तेल का उत्पादन रोजाना दस लाख बैरल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। तेल आपूर्ति बढ़ाने का विरोध कर रहे ईरान का रुख भी नरम पड़ गया है। इससे पेट्रोल-डीजल में भी अगले कुछ दिनों में राहत मिल सकती है।

भारत के लिए अहम फैसला
ओपेक देशों का तेल उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल के दाम नीचे आएंगे, जिससे भारत को भी राहत मिलेगी। पिछले एक साल में कच्चे तेल का दाम 40 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुका है, इससे भारत का व्यापार घाटा और चालू खाते का घाटा बढ़ गया है। महंगाई ने भी इससे उछाल मारा है।

दबाव की रणनीति काम आई
भारत ने चीन, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे एशियाई देशों के साथ मिलकर ओपेक पर दबाव डाला था कि वह कच्चे तेल के दाम में बनावटी उछाल लाने से बाज आए। भारत ने अमेरिका से भी तेल की आपूर्ति बढ़ा दी, जिससे ओपेक देशों पर बाजार खोने का डर पैदा हुआ।

ओपेक के नेतृत्वकर्ता सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फालिह ने गुरुवार को कहा कि दुनिया में 2018 की दूसरी छमाही में तेल आपूर्ति में कमी हो सकती है, ऐसे में बाजार पर दबाव से बचाने के लिए ओपेक देशों को उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना स्थित ओपेक के मुख्यालय में फालिह ने कहा, उत्पादन बढ़ाने के इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दस लाख बैरल तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति बन भी जाती है, फिर भी कुछ देशों के पास फिलहाल आपूर्ति बढ़ाने की क्षमता नहीं है। ऐसे में वास्तव में तेल उत्पादन में बढ़ोतरी छह से आठ लाख बैरल प्रति दिन तक हो सकती है।

Saudi Arab सदस्य देशों को राजी कर रहा
Saudi Arab ओपेक के 14 सदस्य देशों को उत्पादन बढ़ाने के लिए राजी कर रहा है। इसमें सऊदी अरब के धुर विरोधी ईरान का रुख सबसे अहम है। ईरान आपूर्ति बढ़ाने को लेकर सहमत दिख रहा है, लेकिन दस लाख बैरल तक उत्पादन बढ़ाने पर उसका रुख अहम साबित हो सकता है।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »