भीषण गर्मी से दो दिनों बाद राहत की उम्मीद : डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव

नई दिल्‍ली। भीषण गर्मी से फिलहाल दो दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती हालांकि पिछले 24 घंटों में बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाओं का दौर शुरु हो गया है। ये हवायें मानसून के साथ नमी लाती हैं। हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के इलाकों में इनका असर दो दिन बाद दिखने लगेगा। इससे 47 डिग्री के अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आयेगी। । ये बातें मौसम विभाग के उत्तरी क्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने एक इंटरव्‍यू में कही। भीषण गर्मी की चपेट में आये उत्तर भारतीय राज्यों को फिलहाल दो दिनों तक इस स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पाकिस्तान से आ रही गर्म पश्चिमी हवाओं ने भीषण गर्मी के दायरे में इस साल पंजाब और हिमाचल प्रदेश को भी ले लिया है।

सवाल : एक तरफ पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का खतरा है। मौसम के लिहाज से क्या यह असामान्य स्थिति नहीं है?

जवाब : यह सही है कि उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है और पूर्वोत्तर इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है लेकिन यह बिल्कुल सामान्य स्थिति है, क्योंकि हमारे देश में मई के आखिर में मानसूनी हवायें पूर्वी तट से ही प्रवेश करती हैं, इसलिये पूर्वोत्तर इलाकों में बारिश का दौर शुरु हो जाता है। इस बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाली गर्म पश्चिमी हवाओं ने उत्तर भारत में राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित अन्य इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ा दिया है।

सवाल : राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी सामान्य बात है, लेकिन इस बार पंजाब और हिमाचल प्रदेश भी गर्मी के लिहाज से रेड अलर्ट की चेतावनी के दायरे में आ गये हैं। क्या इसे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव माना जा सकता है?

जवाब : पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित अन्य पहाड़ी इलाकों में गर्म हवाओं का प्रकोप नयी बात नहीं है। यह बात सही है कि पिछले कुछ दशकों में वैश्विक तापमान की बढ़ोतरी ने भारत के पहाड़ी इलाकों में भी गर्मी के प्रकोप को थोड़ा बढ़ा दिया है। इसे जलवायु परिवर्तन या मौसम में अचानक बदलाव आना नहीं कह सकते। भीषण गर्मी के इस दौर में पहाड़ों पर भी अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है।

-एजेंसी

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