आंखें थीम पर Manjunath Mane के चित्रों की प्रदर्शनी

भोपाल। कर्नाटक से आए Manjunath Mane की चित्र प्रदर्शनी यहां की स्वराज वीथि में शुरु हुई। तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन भोपाल के सीनियर स्कल्पचर आर्टिस्ट अनिल कुमार ने किया।

हर क्षेत्र की अपनी परंपरा होती है, कुछ खास पहनावा.. खास सजने-संवरने का ढंग। कर्नाटक की परंपराओं और त्योहारों का एक गुलदस्ता सोमवार को स्वराज भवन में Manjunath Mane की चित्र प्रदर्शनी में  सजा नजर आया।

आंखें जो पेंटिंग देखने वाले को आकर्षित कर सकें
कर्नाटक सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ कन्नड़ एंड कल्चर के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में मंजुनाथ माने के 12 चित्र प्रदर्शित हैं। इनमें एक ओर जहां कर्नाटक के ग्रामीण लोगों की वेशभूषा और महिलाओं के सजने संवरने के पारंपरिक ढंग दिखार्इ देते हैं, वहीं मैसूर के दशहरे की रौनक, हम्पी के मंदिरों में लोगों का लगता जमावड़ा और अखंड शिला पर 400 सीढ़ियां चढ़कर नंदी तक पहुंचते श्रद्धालू नजर आते हैं। इन सभी पेंटिंग्स में चटख रंगों का प्रयोग तो किया ही गया है, जो बात इन चित्रों में सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली है वह है खूबसूरत आंखें। प्रपोर्शन के हिसाब से जरूरत से ज्यादा बड़ी लेकिन बेहद आकर्षक। इन विशेष उभार वाली आंखों को बनाने का कारण मंजुनाथ माने बताते हैं कि मेरी आंखें बचपन से ही काफी बड़ी रही हैं।

बचपन से ही जब भी कोई मुझसे मिलता, सबसे पहले मेरी आंखों पर ही कमेंट करता। कितनी बड़ी आंखें हैं.. कुछ अच्छे लहजे में कहते तो कुछ खराब। फिर, चित्र भी कहीं न कहीं आपके व्यक्तित्व का हिस्सा होते हैं, तो मैंने सोचा क्यों न यह आंखें मैं इन्हें दे दूं। साथ ही यह भी चाहता था कि मेरी पेंटिंग्स की आंखें, देखने वालों को सबसे ज्यादा आकर्षित करें, उनका विजन बड़ा हो.. बस इसी धुन में चित्रों में आंखों को बड़ा बनाना शुरू किया। अब यह आंखें मेरा सिग्नेचर स्टाइल हैं। इस सीरीज की मैं 100 से अधिक पेंटिंग्स पिछले दो सालों में बना चुका हूं, कोशिश करता हूं, यह आंखें आपसे कुछ कह जरूर जाएं।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *