यूपी के लखनऊ और नोएडा में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी ने त्राहि-त्राहि मचा रखी है। जीवन रक्षक गैस के अभाव में कोरोना संक्रमित मरीजों का दम फूल रहा है और अब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर इसके इंतजाम करने पर पूरा जोर है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ और नोएडा में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। नोएडा के सेक्टर-39 कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने की अनुमति प्रदेश सरकार ने दे दी है। जिसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर ने जिले की हालत को बदतर कर दिया है। आलम यह है कि कोरोना की चपेट में आने वाले मरीजों को ज्यादातर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। इसकी वजह से अस्पताल में ऑक्सीजन लगभग खत्म हो गई है। लोग भटक रहे हैं पर उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल रही। सेक्टर 39 कोविड अस्पताल में भी तेजी से ऑक्सीजन की खपत हो रही है। एक बार तो 200 से ज्यादा मरीज की जान आफत में आ गई थी।
सेक्टर 39 कोविड अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि इसको देखते हुए अब प्रदेश सरकार ने अस्पताल में ही ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने का निर्देश दिया है। प्लांट का निर्माण भी शुरू हो गया है। ऑक्सीजन जनरेटर का प्लांट लग रहा है। इससे रोजाना 120 सिलिंडर ऑक्सीजन की सप्लाई मिलेगी। प्लांट के लग जाने के बाद मरीज को ऑक्सीजन का संकट नहीं झेलना पड़ेगा।
लखनऊ में बन रहा ऑक्सीजन प्लांट
नोएडा के अलावा राजधानी लखनऊ में भी अवध शिल्प ग्राम में संक्रमितों के लिए बन रहे अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगना शुरू हो गया है। बाकी तैयारियां भी युद्धस्तर पर हो रही हैं। दावा है कि एक सप्ताह में अस्पताल तैयार हो जाएगा। अवध शिल्प ग्राम में डीआरडीओ 500 बेड का अस्पताल बना रहा है। आउटर स्ट्रक्चर तैयार हो गया है। इसके साथ ही शनिवार से ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम भी शुरू हो गया है। तीनों हॉल में बेड लगाने का काम भी एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा। होल्डिंग एरिया में भी अस्थायी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
इसके अलावा लिक्विड ऑक्सीजन के टैंकर लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस शनिवार सुबह 7 बजे लखनऊ के चारबाग स्टेशन पहुंच गई। डेढ़ घंटे देरी से पहुंची ट्रेन की अगवानी अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने की। लखनऊ के हिस्से में दो ऑक्सीजन टैंकर आए हैं। एक टैंकर वाराणसी में पहले ही उतार दिया गया। दो टैंकरों के जरिये जिले के छह प्लांट पर लिक्विड ऑक्सीजन पहुंचा दी गई। अफसरों का दावा है कि शहर में रविवार से ऑक्सीजन की किल्लत खत्म हो जाएगी।
प्रभारी डीएम रोशन जैकब ने बताया कि दोनों टैंकरों में 20-20 हजार लीटर लिक्विड ऑक्सीजन है। टैंकरों को सबसे पहले नादरगंज मुरारी गैस और चिनहट स्थित सारंग गैस सर्विस भेजा गया। वहां से छोटे टैंकरों के जरिए लिक्विड ऑक्सीजन को श्रीनाथ गैस प्लांट, अवध गैस प्लांट आरके गैस प्लांट और स्टार गैस प्लांट भेजी गई। सभी प्लांट्स में शाम तक उत्पाद शुरू हो गया। एडीएम पूर्वी केपी सिंह ने बताया कि देर रात तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन तैयार होने का अनुमान है। रात में अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन के सिलिंडर रवाना कर दिए जाएंगे। रविवार सुबह से अस्पतालों में ऑक्सीजन की दिक्कत पूरी तरह से दूर हो जाएगी।
सोमवार सुबह आएगी अगली ट्रेन
शनिवार सुबह पांच बजे चारबाग स्टेशन से चार खाली टैंकर लेकर रवाना हुई। यह ट्रेन सोमवार को बोकारों से लिक्विड ऑक्सीजन लेकर वापस आएगी। इसके अलावा एक और ऑक्सीजन एक्सप्रेस रात 10:50 बजे चार टैंकर लेकर रवाना हुई है।
दिल्ली समेत 5 राज्यों को गाजियाबाद से मिल रही ऑक्सीजन
दिल्ली समेत 5 राज्यों को गाजियाबाद से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। रोजाना इन राज्यों को 215 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। फैक्ट्रियों से उत्पादन बढ़ाने की प्रशासन ने अपील की है। गाजियाबाद के इंडस्ट्रियल एरिया में गोयल गैस और मोदीनगर में आईनॉक्स का प्लांट है। इनसे 215 मीट्रिक टन ऑक्सीजन गैस का रोज उत्पादन होता है।
गोयल प्रतिदिन 65 मीट्रिक टन और मोदीनगर में 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन रोज कर रहा है। यहां से मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों में सप्लाई भेजी जा रही है। सबसे ज्यादा गैस लखनऊ के अस्पतालों में सप्लाई की जा रही है। जिला उद्योग केंद्र के जॉइंट कमिश्नर वीरेंद्र कुमार का कहना है कि ऑक्सिजन के उत्पादन में दिन-रात काम चल रहा है।
-एजेंसियां

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