सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश 25 मई से, 9 दिन रहेंगे Nautapa

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही Nautapa शुरू हो जाएगा। नौतपा साल के वे 9 दिन होते हैं जब सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट आ जाता है, जिस कारण भीषण गर्मी पड़ती है। इस बार सूर्य 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में शाम 7.53 पर प्रवेश कर जाएगा, जो 3 जून तक रहेगा।  जिस समय में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं उस समय चन्द्र नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं, यही कारण है कि इसे नौ तपा कहा जाता है।

रोहिणी के दौरान अगर बारिश होती है, तो इसे आम भाषा में रोहिणी का गलना कहा जाता है।

मान्यता है कि यदि रोहिणी नक्षत्र में बारिश हो जाती है तो आने वाले बारिश के मौसम में वर्षा बहुत कम होती है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मॉनसून गर्भ में आ जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है।

प्राकृतिक के अलावा ब्रह्मांड में आने वाले परिवर्तन की कुछ ज्योतिषी मान्यता भी है।

जब क्रूर माने जाने वाले ग्रह शनि और राहू जैसे-जैसे एक-दूसरे के करीब आते जाते हैं, वैसे-वैसे सूर्य आग उगलने लगता है और धरती तपने लगती है, साथ ही बारिश भी होती है।

धरती का तपना और ऊपर से बारिश का होना अच्छा नहीं होता इससे मानव जीवन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। शनि ग्रह जब राहू के साथ आ जाता है तो वह अन्य सभी ग्रहों पर भी विपरीत प्रभाव छोड़ता है। इस वर्ष 2014 में मेष लग्न में बुध, सूर्य, राहू, शनि से आक्रांत है इसलिए कभी अत्यधिक तेज धूप और अचानक बारिश हो रही है।

 

यह है Nautapa (नौतपा)

ज्योतिष के मुताबिक ज्येष्ठ माह में सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी रहने पर बारिश के अच्छे योग और कम तपन पर बारिश में कमी दर्शाती है। सूर्य 8 जून तक 23 अंश 40 कला तक रहेगा।

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