GL Bajaj के इंजीनियरिंग छात्रों ने लिखी भविष्य की पटकथा

मथुरा। जी.एल. बजाज संस्थान के इंजीनियरिंग छात्रों ने सिद्ध कर दिया कि भविष्य के विश्व की तस्वीर कोई राजनीतिज्ञ नहीं बल्कि भावी इंजीनियर्स ही खीचेंगे यानि मानव के कल की दिनचर्या कैसी होगी, यह निर्धारित करना केवल इंजीनियर्स के हाथ में होगा।

मंगलवार को इंजीनियर्स-डे  (Engineers-Day) के अवसर पर जी.एल. बजाज के हर ब्रांच के छात्र-छात्राओं ने अपनी ऐसी-ऐसी नवीन खोजों से परिचय कराया, जो न केवल तकनीकी रूप से अति उन्नत हैं बल्कि इंसान के प्राकृतिक संसाधनों पर रहने वाली निर्भरता को पूरी तरह समाप्त कर देंगी, वह भी बिना प्राकृतिक संसाधनों को नष्ट किए।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी सशक्त एवं अभिनव शिक्षा पद्धति के लिए ख्यातिनाम इंजीनियरिंग एवं प्रबन्धन संस्थान GL Bajaj Group of Institutions में प्रतिवर्ष इंजीनियर्स-डे बिल्कुल अलग तरीके से मनाया जाता है। इस वर्ष संस्थान के छात्र-छात्राओं के बीच आनलाइन पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता को आयोजित कराने के पीछे संस्थान का उद्देश्य इंजीनियरिंग छात्रों की अद्भुत सोच एवं परिकल्पनाओं को पोस्टर प्रजेंटेशन के माध्यम से जमीनी आकार देना था।

मंगलवार को पोस्टर प्रजेंटेशन के माध्यम से जी.एल. बजाज के भावी इंजीनियरों ने अपनी सोच और क्षमता से भविष्य की तकनीकी खूबियों का शानदार प्रदर्शन किया। बाहर से आये निर्णायक भी इंजीनियरिंग छात्रों की प्रतिभा, हुनर एवं विकसित सोच को देखकर दंग रह गए। सभी निर्णायकों ने एक स्वर से संस्थान की तारीफ करते हुए कहा कि जी.एल. बजाज अपने समय से आगे जाकर नवीन शिक्षा पद्धतियों से अपने छात्रों को शिक्षित कर रहा है। पोस्टर प्रजेंटेशन के अवसर पर संस्थान की निदेशक डॉ. नीता अवस्थी ने भारत रत्न प्रसिद्ध इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हर छात्र को इंजीनियरिंग दिवस के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।

डा. नीता अवस्थी ने कहा कि जी.एल. बजाज की कोशिश रहती है कि उसके हर इंजीनियरिंग छात्र को मस्तिष्कीय उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने के लिए एक अलग प्लेटफार्म मिले। मैं समझती हूं कि इंजीनियर्स-डे से अच्छा कोई दूसरा अवसर नहीं हो सकता। डॉ. अवस्थी ने कहा कि जिस तरह सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने अपने अनूठे कृत्यों व योगदान से भारत का नाम विश्व मानचित्र पर रोशन किया वैसे ही जी.एल. बजाज के छात्र भी अपने संस्थान, समाज व देश का नाम रोशन करें। इसी सोच के कारण हम अपने छात्रों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराते हैं, जो छात्र-छात्राओं की नैसर्गिक प्रतिभा को पल्लवित करने में उपयोगी सिद्ध होता है। इस अवसर पर डॉ. जगवीर सिंह, डॉ. रमाकांत, प्रो. विमल गुप्ता, प्रो. मंधीर वर्मा, प्रो. विवेक रंजन मिश्रा, प्रो. जीतेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।

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