IMF से बेलआउट पैकेज हासिल करने में लगे पाकिस्तान के वित्त मंत्री का इस्‍तीफा

इस्‍लामाबाद। नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के समक्ष फिर संकट पैदा होता दिख रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष IMF से बेलआउट पैकेज हासिल करने के लिए बातचीत में लगे पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपनी आर्थिक नीतियों को लेकर उमर लगातार आलोचनाओं का शिकार हो रहे थे।
उमर ने बताया, ‘बुधवार रात मुझे पद छोड़ने और ऊर्जा मंत्रालय संभालने का प्रस्ताव दिया गया था। मैंने प्रधानमंत्री को बता दिया कि मंत्रिमंडल में कोई पद नहीं लूंगा।’ उमर का कहना है कि पाकिस्तान को IMF से पैकेज मिल जाएगा, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर उनके उत्तराधिकारी को कई चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की है। उमर ने कुछ दिनों में मंत्रिमंडल में और फेरबदल का संकेत भी दिया है।
हालांकि असद उमर ने कहा है कि वह पार्टी में बने रहेंगे। एक समय ऐसा भी था जब असद उमर को पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी का पोस्‍टर ब्‍वॉय माना जाता था। आम चुनावों के दौरान इमरान खान पूरे पाकिस्‍तान में असद उमर को लेकर घूमते थे और लोगों को बताते थे कि यही वह‍ शख्‍स है जो देश की आर्थिक हालत को सुधारेगा लेकिन असद वित्‍त मंत्री के पद पर आठ माह भी नहीं रह सके और उन्‍हें इस्‍तीफा देना पड़ा।
पत्रकारों से बातचीत में असद उमर ने कहा कि इस मतलब यह नहीं है कि मैं पाकिस्‍तान पीएम के नया पाकिस्‍तान रूपी विजन का समर्थन नहीं करुंगा। मैं उनके साथ हूं।
उल्लेखनीय है कि IMF से बेलआउट पैकेज को अंतिम रूप देने के बजाय चीन और सऊदी अरब जैसे सहयोगी देशों से छोटी अवधि के कर्ज जुटाने की असद की नीति से कुछ कारोबारी समूह और निवेशक नाराज चल रहे थे। लोगों की नाराजगी को देखते हुए पिछले कुछ महीने से अनुमान जताया जा रहा था कि उमर कुर्सी छोड़ सकते हैं।
उमर का कहना है कि आइएमएफ से पैकेज को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इस बीच उनकी निगरानी में पाकिस्तान की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। यहां महंगाई पांच साल के उच्चतम स्तर पर है। केंद्रीय बैंक ने विकास दर का अनुमान कम कर दिया है। दिसंबर, 2017 से अब तक यहां की मुद्रा भी 35 फीसद तक टूट चुकी है।
कुछ दिनों पहले पाकिस्तानी वित्त मंत्री असद उमर ने कहा था कि पाकिस्तान का कर्ज इतनी खतरनाक ऊंचाई पर पहुंच चुका है कि देश दिवालिया होने के कगार के निकट आ गया है। उमर का इस्‍तीफा ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्‍तान का IMF से 6-8 बिलियन डॉलर को लेकर समझौता होने वाला था और 19 अप्रैल को पाकिस्‍तान का बजट पेश किया जाना है। इस सबका असर पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ेगा।
माना जा रहा है कि असद उमर का इस्‍तीफा पाकिस्‍तान की खराब आर्थिक हालत की जगह पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के भीतर चल रहे महमूद कुरैशी और जहांगीर तरीन के बीच घमासान का नतीजा है।
केंद्रीय सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कैबिनेट में मंत्रिमंडल में फेरबदल की खबरों से इंकार किया है। उन्‍होंने कहा है कि कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कोई सच्‍चाई नहीं है। पीएम के पास यह शक्ति होती है कि वह मंत्रियों का बदलाव करें। मीडिया को इस बारे में उत्‍तरदायित्‍वपूर्ण रवैया अख्तियार करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान महत्‍वपूर्ण फेज से गुजर रहा है। इस तरह की अफवाह देश के लिए लाभ दायक नहीं है।
उसद के इस्‍तीफे पर पाकिस्‍तान पीपुल्‍स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भूट्टो ने देशवासियों को बधाई दी और कहा कि पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी का पहला विकेट गिरा। उन्‍होंने कहा कि इमरान सरकार की पूरी टीम 50 ओवी का मैच खत्‍म होने से पहले पवेलियन वापस लौट जाएगी। पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) की प्रवक्‍ता मरियम औरंगजेब ले पूछा कि जब उमर की नीतियां इतनी अच्‍छी थी और सारी परेशानी नवाज शरीफ सरकार की थी तो उन्‍हें आखिरकार क्‍यों हटाया गया। यह इमरान खान की स्‍वीकारोक्ति है कि उनकी नीतियों से पाकिस्‍तान आर्थिक रूप से गहरे संकट से गुजर रहा है। वास्‍तविक परेशानी असद नहीं है। वास्‍तविक परेशानी पीएम है।
चीन के दौरे पर जाएंगे इमरान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 25 से 28 अप्रैल तक चीन दौरे पर रहेंगे। वह यहां होने जा रहे बेल्ट एंड रोड फोरम में हिस्सा लेंगे और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग व प्रधानमंत्री ली कछ्यांग के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। इस दौरान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के नए चरण और द्विपक्षीय हितों पर चर्चा की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किया जाएगा।
-एजेंसियां

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