मोबाइल से ऑन-ऑफ होंगे बिजली उपकरण, संस्कृति के छात्रों ने बनाया मॉडल

मथुरा। अब आपको अपने घर के बिजली से चलने वाले उपकरणों एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, टेलीविजन, पंखों आदि को बंद और चालू करने के लिए विद्युत बोर्ड के पास जाकर ऑन-ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संस्कृति विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के होनहार छात्रों पंकज, मोहित, विष्णु और मुकेश ने एक ऐसा मोबाइल से चलने वाला मॉडल तैयार किया है जोकि सिर्फ आवाज और मिस्ड कॉल से विद्युत उपकरणों को ऑन-ऑफ कर देगा।

electrical equipment will be on-off by Mobile in Sanskriti  university students created model
electrical equipment will be on-off by Mobile in Sanskriti university students created model

पंकज, मोहित, विष्णु और मुकेश द्वारा बनाया गया यह मॉडल हर घर के लिए न केवल उपयोगी है बल्कि इसमें खर्च भी कुछ भी नहीं है। आप मोबाइल से जैसे ही ऑन-ऑफ की आवाज देंगे आपका विद्युत उपकरण बंद और चालू हो जाएगा। यदि आप आवाज नहीं देना चाहते तो मोबाइल की बटन से भी विद्युत उपकरण को बंद और चालू कर सकते हैं। संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक पुराने और कबाड़ मोबाइल में ऐसी जान डाल दी है जोकि हर किसी के लिए हैरत की बात है। इन छात्रों ने एक ऐसा फार्मूला अपनाया है जिससे मोबाइल फोन की मिस्ड कॉल से ही बल्ब जलेगा और बंद भी मिस्ड कॉल से ही हो जाएगा। यही नहीं, अगर आप अपने घर से बाहर किसी काम में व्यस्त हैं और आप पानी चढ़ाने वाली मोटर को उसी स्थान से ऑन या ऑफ करना चाहते हैं तो अपने मोबाइल द्वारा ऐसा कर सकते हैं।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इसे मिस्ड कॉल सिस्टम नाम दिया है। इन छात्रों ने कबाड़ से उठाये एक मोबाइल फोन में एक सिमकार्ड डाला है और इसे एमआईसी सेंसर कंट्रोल से जोड़कर स्विचयार्ड में विद्युत कनेक्शन दिया है। जैसे ही फोन में कॉल आएगी तो वह किसी के द्वारा न उठाए जाने से मिस्ड कॉल ही रहेगी। पहली ही कॉल में विद्युत कनेक्शन स्विच ऑन हो जाएगा और टेलीविजन या बल्ब भी करंट पास होने से ऑन हो जाएगा।

इन छात्रों का कहना है कि लाइट ऑन या ऑफ करना हर घर की जरूरत है। एक दिन हम लोगों के दिमाग में एक आइडिया आया कि क्यों न कोई ऐसा फार्मूला तैयार किया जाए जिससे के जरिये बिजली बोर्ड के पास गए बिना घर के उपकरणों को ऑन-ऑफ किया जा सके। आखिरकार हम लोगों के दिमाग में मोबाइल का आइडिया आया कि क्यों न मिस्ड कॉल का फायदा उठाकर लाइट को इसके एमआईसी से जोड़कर ऑन या ऑफ लायक बनाया जाए। हम लोगों को जो सफलता मिली है उससे वे संतुष्ट हैं। इन छात्रों का कहना है कि वे कबाड़ से कई प्रकार के उपकरण बनाने के लिए अनुसंधान कर रहे हैं। उपरोक्त फार्मूले को अपना कर शहरी क्षेत्र के लोग ही नहीं बल्कि ग्रामीण भी समय की बचत कर सकते हैं। संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता, उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता और कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा ने छात्रों की इस सफलता पर खुशी जताते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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