चुनाव के 6 महीने पहले प्री-पोल सर्वे पर पूर्णत: रोक लगाए चुनाव आयोग: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के 6 महीने पहले होने वाले प्री-पोल सर्वे पर पूर्णत: रोक लगानी चाहिए। ऐसा करके सत्तारूढ़ दल के पक्ष में माहौल बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह आयोग को पत्र भी लिखेंगी। दरअसल, अभी एक चैनल द्वारा किए गए सर्वे में आए परिणामों में भाजपा को यूपी में एक बार फिर पूर्ण बहुमत से सत्ता में आते हुए दिखाया गया है। जिस पर बसपा सुप्रीमो ने प्रतिक्रिया दी।

मायावती कांशीराम की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित रैली में बसपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने रैली में कांशीराम को भारत रत्न देने की भी मांग की।

मायावती ने कहा कि 2022 में अगर बसपा की सरकार बनीं तो बदले की भावना से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को रोका नहीं जाएगा बल्कि उन्हें समय से पूरा करवाया जाएगा। उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं को सावधान करते हुए कहा कि कुछ छोटी पार्टियों और विपक्षियों के हथकंडों से सावधान रहना है। बसपा को सरकार बनाने से इस बार कोई नहीं रोक सकता।

मायावती ने कहा कि कुछ छोटी पार्टियां अकेले या गठबंधन में रहकर केवल पर्दे के पीछे से सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने की जुगत में हैं। उनसे सावधान रहना है साथ ही एक पार्टी ऐसी है जो स्वार्थी और टिकटार्थियों  को शामिल कर अपना कुनबा बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बसपा को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं पर आज इस भीड़ को देखकर उन सभी को यह समझ जाना चाहिए कि बसपा में कितनी ताकत है। उन्होंने कहा कि सर्वे के चक्कर में नहीं पड़ना है। बंगाल में जो सर्वे आया था उसके उलट चुनाव परिणाम आया और ममता बनर्जी की सरकार बन गई।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हिंदू मुस्लिम सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास करेंगे लेकिन इससे सजग रहना है। अब सरकार में आंदोलित किसानों पर जुल्म इतना बढ़ गया है की अति हो गई है। लखीमपुर खीरी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी वोट के लिए जनता से वादे कर रही हैं जो हवा हवाई है। उनमें रत्तीभर भी दम नहीं है। विरोधी पार्टियां चुनावी घोषणापत्रों में प्रलोभन भरे चुनावी वादे करने वाली हैं।

मायावती ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधा। कहा कि कोरोना काल में दोनों ने मजदूरों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया। केजरीवाल भी कम नहीं निकले और उन्होंने मजदूरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। अब बिजली पानी फ्री देने की बात कहकर यूपी में पांव जमाने की कोशिश में है और यह बात बिल्कुल झूठी है।
नया घोषणा पत्र जारी नहीं कर रहे हैं बल्कि चल रहे कामों को पूरा कराएंगे

मायावती ने एलान किया कि हम कोई घोषणा पत्र जारी नहीं कर रहे हैं लेकिन हमारी सरकार बनी तो हम अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में बसपा की तर्ज पर भाजपा द्वारा शुरू कराए गए विकास कार्यों को रोकेंगे नहीं बल्कि पूरा करेंगे। चाहे सड़क निर्माण हो अथवा पुल निर्माण पहले पुराने कामों को ठीक किया जाएगा।

नाराज चल रहे जाटों तथा गुर्जरों को खुश करने के लिए भाजपा को अब उनके राजाओं की प्रतिमा लगानी पड़ रही हैं। विश्वविद्यालय बनाने पड़ रहे हैं। यदि समय से यह कार्य होता तो अब उनका लोकार्पण किया जाता शिलान्यास नहीं। उन्होंने कहा कि हम सत्ता में आए तो गरीब और मजदूरों के अलावा ब्राह्मणों तथा मुस्लिमों की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ख्याल रखेंगे।

उन्होंने 21 अक्टूबर से हर विधानसभा क्षेत्र में युद्ध स्तर पर पोलिंग बूथों तक चुनावी अभियान शुरू करने को कहा। कहा कि उत्तराखंड, पंजाब में भी उत्तर प्रदेश की तरह ही तैयारियां की जानी है। उन्होंने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की।
-एजेंसियां

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