निर्वाचन आयोग ने रद्द किया कमल नाथ के स्‍टार कैंपेनर का दर्जा

नई दिल्‍ली। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता के उल्‍लंघन को लेकर राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री कमल नाथ के स्‍टार कैंपेनर का दर्जा रद कर दिया है। वहीं आयोग ने कैलाश वियजवर्गीय को भी आचार संहिता के उल्‍लंघन पर चेतावनी दी है।
मध्‍य प्रदेश में जैसे जैसे उपचुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे नेताओं का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप और तीखा होता जा रहा है। अब विवादित बयानों को लेकर निर्वाचन आयोग भी सख्‍त हो गया है। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता के उल्‍लंघन को लेकर राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री एवं दिग्‍गज कांग्रेस नेता कमल नाथ पर सख्‍त कार्यवाही की है। आयोग ने कमल नाथ के स्‍टार कैंपेनर का दर्जा रद कर दिया है। यही नहीं, चुनाव आयोग ने कैलाश वियजवर्गीय को भी आचार संहिता के उल्‍लंघन पर चेतावनी दी है।
दरअसल, कमलनाथ ने पिछले दिनों शिवराज कैबिनेट की मंत्री इमरती देवी को आइटम कहा था।
इस पर कमलनाथ से जवाब मांगा गया था, पर उनके जवाब से EC संतुष्ट नहीं है। इसके बाद ही यह एक्शन लिया गया। EC ने कहा है कि अब अगर कमलनाथ किसी के लिए भी प्रचार करते हैं तो उसका पूरा खर्च वो कैंडिडेट उठाएगा, जिसके लिए प्रचार किया जा रहा है।
कमलनाथ ने कहा था, बयान का गलत मतलब निकाला गया
आइटम वाले बयान पर चुनाव आयोग से मिले नोटिस के जवाब में कमलनाथ ने कहा था कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट करके कमलनाथ का जवाब शेयर किया था। कमलनाथ ने लिखा था कि भाजपा हार के डर से मुद्दा बदलने की कोशिश कर रही है। कमलनाथ ने अपनी 40 साल के निष्कलंक लोक सेवा के इतिहास का भी जिक्र किया था।
18 अक्टूबर को एक चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि हमारे राजे (कांग्रेस प्रत्याशी) तो सीधे-सादे और सरल हैं। ये उसके जैसे नहीं हैं। मैं क्यों उनका नाम लूं। इतने में लोग बोले, इमरती देवी। इस पर हंसते हुए कमलनाथ ने कहा- आप लोग मेरे से ज्यादा उसको पहचानते हैं। आप लोगों को तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि वह क्या आइटम है।
-एजेंसियां

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