श‍िक्षामंत्री ने की प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस को लेकर बड़ी घोषणा

नई द‍िल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सोमवार को दोपहर 12.20 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लाइव देशभर के केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को संबोधित  करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस को लेकर बड़ी घोषणा की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, छात्रों को केवल अपने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा और सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम 2021 पर आधारित अन्य परीक्षाओं के लिए संशोधित पाठ्यक्रम का अध्ययन करना होगा। जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी केवल उसी भाग से पूछे जाएंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों कक्षाओं का संचालन किया जाएगा क्योंकि आधे छात्रों को कक्षा में शारीरिक रूप से कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति होगी जबकि बाकी छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेंगे।

अपने संबोधन के बाद उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए और उन्हें तनाव मुक्त रहने के टिप्स भी दिए। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस को लेकर बड़ी घोषणा की है। शिक्षा संवाद के दौरान उन्होंने व्यवस्थित तरीके से केंद्रीय विद्यालयों को दोबारा खाेले जाने की बात कही है।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान किया
गुजरात के अहमदाबाद स्थित केंद्रीय विद्यालय की छात्रा निशा शुक्ला ने कहा कि वह अपने दोस्तों को याद करती है और अकेला महसूस करती है। इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, हमने छात्रों को उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करने के लिए ‘मनोदर्पण’ मंच पेश किया है। यह छात्रों की मानसिक स्थिति में सुधार लाने के लिए किया गया था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारीरिक दक्षता के लिए फिट इंडिया की शुरुआत की थी।

शिक्षा नीति और परीक्षाओं से जुड़ीं ज्ञिज्ञासाओं का समाधान  
शिक्षा मंत्री से छात्रों के साथ ‘शिक्षा संवाद’ की शुरुआत करते हुए कई छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से लेकर परीक्षा और तनाव से मुक्त रहने के उपाय सुझाए। केंद्रीय विद्यालय के छात्र नकुल ने शिक्षा मंत्री से पूछा था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्कूल के छात्रों पर क्या असर पड़ेगा? इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्कूली छात्रों के लिए पुस्तक ज्ञान के साथ प्रशिक्षण को भी जोड़ती है। यह आपको विद्वान बनाने के साथ एक मशीन नहीं, एक मानव बनाने का काम भी करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ‘निशंक’ ने एक सवाल के जवाब में कहा, भारत ने विभिन्न खिलौने बनाए हैं जो हमारे इतिहास और संस्कृति को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, नए इलेक्ट्रॉनिक खिलौने बच्चों को मानसिक या कभी-कभी शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। खिलौने सांस्कृतिक मूल्यों और तथ्यात्मक जानकारी पर आधारित होने चाहिए।
– एजेंसी

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