मनी लॉन्ड्रिंग में Malvinder, शिविंदर के आवास पर ईडी का छापा

नई द‍िल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रैनबैक्सी के पूर्व सीईओ Malvinder मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी चल रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाइयों Malvinder मोहन सिंह (45) और शिविंदर मोहन सिंह (43) के ठिकानों पर गुरुवार को छापे मारे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्रवाई की गई है। दोनों पर रेलीगेयर एंटरप्राइजेज और फोर्टिस हेल्थकेयर में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।

ईडी अधिकारियों ने कहा कि मनी लांड्रिंग कानून (PMLA) के तहत मामला दर्ज करने के बाद छापे मारे गए। दोनों भाइयों के खिलाफ यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में की गई है।

मई में पुलिस केस हुआ, ईडी ने संज्ञान लिया

रेलीगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड ने पिछले साल दिसंबर में मलविंदर और शिविंदर के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से शिकायत की थी। इस साल मई में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। उन पर 740 करोड़ रुपए के फ्रॉड के आरोप हैं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने Money laundering का केस दर्ज किया था।

रैनबैक्सी की डील में भी जानकारियां छिपाने के आरोप

मलविंदर-शिविंदर का जापान की दवा कंपनी दाइची सैंक्यो से भी विवाद चल रहा है। 4,000 करोड़ रुपए के भुगतान विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में दोनों भाइयों से कहा था कि आदेश का उल्लंघन किया तो जेल भेज दिए जाएंगे। दाइची सैंक्यो आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को लागू करवाने के लिए कोर्ट में लड़ रही है। सिंगापुर ट्रिब्यूनल में उसने 2016 में केस जीता था। दाइची ने 2008 में मलविंदर-शिविंदर सिंह से रैनबैक्सी को खरीदा था। बाद में उसने आरोप लगाया कि सिंह ब्रदर्स ने रैनबैक्सी के बारे में अहम जानकारियां छिपाईं। उसने सिंगापुर ट्रिब्यूनल में शिकायत की थी।

सिंगापुर की एक ट्रिब्यूनल ने सिंह बंधुओं के खिलाफ आदेश दिया है, जिसके मुताबिक उन्हें दायची सैंक्यों को 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना है।

कोर्ट ने इस दौरान कहा था कि यह किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा का मामला नहीं है, बल्कि देश की प्रतिष्ठा का मामला है। आप कभी फार्मा इंडस्ट्री की पहचान थे और यह ठीक नहीं लगता कि आप कोर्ट में आएं। बेंच ने सिंह बंधुओं को 28 मार्च को अदालत में पेश होकर भुगतान योजना सौंपने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि वे उम्मीद करते हैं कि कोर्ट में यह आपकी आखिरी मौजूदगी होगी।

– एजेंसी

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