अगस्टा वेस्टलैंड डील में Michelle ने लिया सोनिया का नाम, कांग्रेस असहज

ईडी ने कोर्ट को बताया- Michelle ने ‘इटली की महिला के बेटे’ का भी जिक्र किया और कहा कि वह ‘देश के अगले प्रधानमंत्री’ बनने जा रहे हैं

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि अगुस्टा वेस्टलैंड घोटाले के बिचौलिए christian Michelle ने पूछताछ में सोनिया गांधी का नाम लिया है। हालांकि, ईडी ने कहा कि वह अभी यह नहीं बता सकती कि मिशेल ने गांधी का नाम किस संदर्भ में लिया है। इसके अलावा, ईडी का दावा है कि मिशेल ने ‘इटली की महिला के बेटे’ का जिक्र किया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने कहा है कि मिशेल पर सरकारी एजेंसियों द्वारा दबाव डाला गया है।

ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि मिशेल ने ‘इटली की महिला के बेटे’ का भी जिक्र किया और बताया कि वह ‘देश के अगले प्रधानमंत्री’ बनने जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि मिशेल ने यह भी जानकारी दी कि किस तरह डील से HAL को बाहर किया गया और उसकी जगह टाटा को लाया गया।

HIGHLIGHTS 

अगुस्टा वेस्टलैंड डील के आरोपी क्रिस्चन मिशेल को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया,
कोर्ट को ईडी ने बताया कि बिचौलिया मिशेल ने सोनिया गांधी का नाम लिया है, पर संदर्भ साफ नहीं है.
ईडी ने कोर्ट से मिशेल की आठ दिन की रिमांड की मांग की है.
ईडी का दावा है कि मिशेल ने ‘इटली की महिला के बेटे’ का भी जिक्र किया है.
कांग्रेस का आरोप, मिशेल पर सरकारी एजेंसियों का दबाव

ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि मिशेल ने ‘इटली की महिला के बेटे’ का भी जिक्र किया और बताया कि वह ‘देश के अगले प्रधानमंत्री’ बनने जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि मिशेल ने यह भी जानकारी दी कि किस तरह डील से HAL को बाहर किया गया और उसकी जगह टाटा को लाया गया। ईडी ने कोर्ट से यह भी मांग की कि मिशेल को उसके वकील से न मिलने दिया जाए क्योंकि उसे बाहर से सिखाया जा रहा है। इस पर उसके वकील एल्जो के. जोसेफ ने अदालत में स्वीकार किया कि मिशेल ने उन्हें कुछ पेपर दिए थे, लेकिन यह ईडी की गलती है कि उसने ऐसा होने दिया।

कांग्रेस ने कहा- Michelle पर सरकार का दबाव
मिशेल द्वारा कथित तौर पर सोनिया गांधी का नाम लेने पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. पी. एन. सिंह ने कहा, ‘मिशेल पर एक परिवार विशेष का नाम लेने का दबाव है। चौकीदार क्यों सरकारी एजेंसियों पर एक परिवार का नाम लेने का दबाव डाल रहे हैं? बीजेपी के स्क्रिप्ट राइटर इस समय लंबे वक्त से काम कर रहे हैं।

 

-एजेंसी

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