Mirchi case में ED ने तलब किए प्रफुल्ल पटेल समेत 18 लोग

नई द‍िल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और Mirchi case में ईडी ने मनी ट्रेल की जांच के ल‍िए प्रफुल्ल पटेल समेत 18 लोगों को तलब क‍िया गया है।।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और और वरिष्ठ एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की डी-कंपनी के सदस्य इकबाल मिर्ची के साथ कथित संदिग्ध भूमि सौदों के मामले में मुसीबत बढ़ गई है। प्रफुल्‍ल पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 अक्टूबर को तलब किया है। ईडी के अधिकारी अब इस Mirchi case में मनी ट्रेल की जांच कर रहे हैं। यह जांच इसलिए की जा रही ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं विदेशी खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और वर्ली के सीजे हाउस बिल्डिंग को खरीदने के लिए तो नहीं किया गया। मिर्ची की साल 2013 में मौत हो गई थी।

ईडी के दस्तावेजों से पता चलता है कि प्रफुल्ल पटेल और उनकी पत्नी वर्षा द्वारा चलाई जाने वाली कंपनी मिलेनियम डेवलपर्स ने कथित रूप से अंडरवर्लड डॉन और वांछित भगोड़ा दाऊद इब्राहिम के सहयोगी इकबाल मिर्ची के स्वामित्व वाले एक भूखंड पर 15 मंजिला इमारत का निर्माण किया, जो एक अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट चलाता है, जिसके मुंबई और दुबई में गहरे संबंध हैं।

प्रफुल्ल पटेल का आरोपों से इनकार

हालांकि, पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री ने विवादास्पद भूमि सौदे में अंडरवर्ल्ड गिरोह के साथ किसी भी संबंध से इनकार किया है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले इसे लेकर उनपर हमला बोल रही है। ईडी द्वारा प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि दुबई में एक पांच सितारा होटल खरीदने के लिए मिर्ची के सहयोगी हारून यूसुफ द्वारा भूमि सौदे के लिए ने पैसा ट्रांसफर गया।

यूसुफ ने उगले कई राज

मुंबई के प्रमुख स्थानों पर मिर्ची की कई संपत्तियों का मालिकाना हक रखने वाले संदिग्ध चैरिटी ट्रस्ट के चेयरमैन यूसुफ को ईडी ने रियल एस्टेट एजेंट रंजीत सिंह बिंद्रा के साथ गिरफ्तार किया था।पूछताछ के दौरान, यूसुफ ने दुबई में पांच सितारा होटल की खरीद के साथ मुंबई में 2006-07 के सीजे हाउस सौदे से जुड़ी मनी ट्रेल पर ईडी को महत्वपूर्ण सुराग प्रदान किया है।

सीजे हाउस सौदे को लेकर निशाने पर पटेल

अगर ईडी द्वारा दुबई कनेक्शन पुष्टि की जाती है, तो पटेल के लिए और अधिक परेशानी पैदा हो सकती है, वो पहले से ही सीजे हाउस सौदे को लेकर निशाने पर हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी को पहले ही मुंबई में एक संपत्ति के लिए मिर्ची की पत्नी और मिलेनियम डेवलपर्स के बीच एक कथित समझौते के बारे जानकारी मिल चुकी है।

पटेल के साथ कैसे हुई डील

ईडी के सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 2007 में जब मिर्ची को मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, तब उसने केंद्रीय मंत्री रहते हुए पटेल से कैसे डील की थी। ईडी के सूत्रों के अनुसार, मिर्ची और उसके परिवार के सदस्यों के नाम मुंबई में कई बेनामी संपत्तियां हैं। मुंबई के वर्ली में स्थित इन संपत्तियों में से दो को सनब्लिंक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और मिलेनियम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया गया था।

– एजेंसी

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