Gomti River Front घोटाले में ईडी की जांच शुरू, सिंचाई विभाग में हड़कंप मचा

Gomti River Front निर्माण में शामिल सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की काली कमाई पर आएगी आंच

नई दिल्‍ली। Gomti River Front घोटाले के आरोपी इंजीनियरों की संपत्तियों की प्रवर्तन निदेशाल (ईडी) द्वारा जांच शुरू किये जाने से सिंचाई विभाग में हड़कंप मंच गया है। ईडी को अशंका है कि गोमती रिवर फ्रंट निर्माण से जुडे इंजीनियरों ने करोडों की अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित की है जिसके बाद अब इन आरोपी इंजीनियरों के खिलाफ मनीलांड्रिग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर, इनकी एक-एक सम्पत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है।

आरोपी इंजीनियरों की अचल संपत्तियों का ब्योरा मांगा 

प्रवर्तन निदेशाल ने आरोपी इंजीनियरों की अचल संपत्तियों की जांच शुरू करते हुए तत्कालीन गोमती रिवर फ्रंट से जुडे अधीक्षण अभियन्ता शिवमंगल सिंह यादव और चीफ इंजीनियर गोलेश चन्द्र गर्ग और उनकी पत्नी मधुबाला गर्ग, पुत्र तनुज गर्ग के साथ पुत्र वधु स्वाति तनुज गर्ग के हाउस, फ्लैट, कामर्शियल लैंड और अन्य जमीनों का ब्योरा आईजी स्टाम्प से मांगा है। आईजी स्टाम्प सीताराम यादव ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के एआईजी स्टाम्प से आरोपी इंजीनियर और उनके परिजनों की संपत्तियों का ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश जारी कर दिया है।

रिटायर्ड जज अलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग से जांच कराई

योगी सरकार ने पूर्व सपा सरकार की महात्वाकांक्षी परियोजना गोमती रिवर फ्रंट में घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच शुरू किया था क्‍योंकि  1513 करोड़ की परियोजना में 1437 करोड़ रूपया खर्च होने के बावजूद भी काम 65 फीसदी ही पूरा किया गया और परियोजना की 95 फीसदी रकम निकाल ली गई थी। सरकार ने मई 2017 में रिटायर्ड जज अलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार सरकार ने सीबीआई जांच की मांग की।

गौरतलब है कि Gomti River Front के निर्माण कार्य से जुडे इंजीनियरों पर दागी कम्पनियों को काम देने, विदेशों से मंहगा समान खरीदने, चैनालाइजेशन के कार्य में घोटाल करने, नेताओं और अधिकारियों के विेदेश दौरे में फिजूलखर्ची करने सहित वित्तीय लेन देन में घोटाला करने, ड्राइंग के अनुरूप कार्य नहीं कराने का आरोप है। जिन 8 इजीनियरों के खिलाफ पुलिस, सीबीआई और ईडी मुकद्दमा दर्ज कर जांच कर रही हैं उनमें तत्कालीन चीफ इंजीनियर गोलेश चन्द्र गर्ग, एसएन शर्मा, काजिम अली, शिवमंगल सिंह, कमलेश्वर सिंह, रूप सिंह यादव सुरेन्द्र यादव सभी सिंचाई विभाग के इंजीनियर हैं।

फिलहाल ईडी ने अधीक्षण अभियन्ता शिवमंगल सिंह यादव, इंजीनियर अखिल रमन और गोलेश चन्द्र गर्ग से पूछताछ कर रही है। इन इंजीनियरों ने अपनी संपत्तियों का ब्योरा देने में आनाकानी करने पर ई़डी के असिस्टेन्ट डायरेक्टर सुनील कुमार ने आईजी स्टांप से शिवमंगल सिंह और गोलेश चन्द्र के अचल संप्तियों को सभी 75 जिलों का ब्यौरा मांगा है।
-एजेंसी

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