पर्यावरण और गोसेवा को फैलाएं जागरुकता- Dr. RamKishore

Dr. Ram Kishore Agarwal ने कहा कि गोशाला में पराली पहुंचाने को वाहन न होने पर निशुल्क वाहन सुविधा को हेल्पलाइन नं-7017978808 पर सम्पर्क करें

मथुरा। आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल ने दीपोत्सव पर जनपदवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि वे पर्यावरण और गो सेवा के प्रति जागरुकता लाएं। इसके लिए अपने आस-पास के लोगों में भी जागरुकता फैलाएं। उन्होंने धान की पराली जलाने के बजाय ज्वार की करब के साथ गोशालाओं की गायों को खिलाने का अनुरोध किया है। साथ उन्होंने दीपावली पर अधिकाधिक दीपकों से प्रकाश फैलाने की अपील करते हुए कहा कि आप दीप अधिक जलाएं मगर पटाखे बिलकुल न चलाएं। इसके लिए उन्होंने बच्चों में पर्यावरण की समझ पैदा करने की मार्मिक अपील भी की है।

मार्मिक अपील करते हुए Dr. Ram Kishore Agarwal बोले-दीपावली पर दीपक खूब जलाएं पर पटाखे बिलकुल न चलाएं, बच्चों को समझाएं कि पटाखे चलाने से दूषित होता है वातावरण

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने एक विशेष वार्ता के दौरान बताया कि समाज के बुद्विजीवियांे की जिम्मेदारी है कि वे पर्यावरण की शुद्वता के लिए निरंतर कार्य करें। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता फैलाएं। उन्होंने अपील की कि धान की निकाली हुई पराली को जलाएं नहीं। पराली को आस-पास की गोशाला में उन से पूछ कर भेजने की कृपा करें। सभी गाएं पराली को ज्वार की करब में मिलाकर खिलाने पर चारे के रुप में खा लेती हैं। इसीलिए ये हमारा परम कर्तव्य है कि ऐसा करने से गोसेवा के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा भी होगी। पराली के न जलाने से जहां वातावरण खराब होने से बचेगा वहीं हजारों-लाखों लोगों को विभिन्न रोगों के होने से बचाया जा सकेगा। डा. रामकिशोर अग्रवाल ने आगे कहा कि अगर पराली को गोशाला भेजने के लिए आपके पास कोई साधन उपलब्ध नहीं है तो जिस गोशाला में पराली भेजनी है, उससे सम्पर्क कर लें। गोशाला में बात होने के बाद मेरे टेलीफोन सं-7017978808 पर सम्पर्क करने पर पराली ढोने को वाहन की व्यवस्था करा दी जाएगी।
उन्होंने दीपावली पर पटाखों से पर्यावरण के प्रभावित होने को लेकर सप्रेम निवेदन किया है कि दीपावली पर दीपक खूब जलाएं पर पटाखे बिलकुल न चलाएं। हम सब मिलकर धैर्य रखते हुए अपने बच्चों को समझाएं कि पटाखे चलाने से वातावरण दूषित होता है। साथ ही पर्यावरण की समस्या विकट हो जाती है। जनता जनार्दन को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से जूझना पडता है। इस लिए हम सब का ये कर्तव्य बनता है कि हम सब मिलकर स्वयं पर्यावरण को शुद्व रखतेे हुए विभिन्न प्रकार की बीमारियों से स्वयं को बचाएं। मुझे आशा है कि आप लोग उपरोक्त बातों पर जरुर जागरुक होंगे और अन्य लोगांे में जागरुकता फैलाएंगे।

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