EC का निर्णय: पश्चिम बंगाल में हिंसा के मद्देनजर कल रात ही चुनाव प्रचार हो जाएगा बंद

नई दिल्‍ली। पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुए विवाद के बाद चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए एक दिन की कटौती की है। चुनाव आयोग ने कहा कि कल (गुरुवार) रात 10 बजे के बाद पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों पर कोई चुनाव प्रचार नहीं होगा। पहले चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम 5 बजे खत्म किया जाना था। चुनाव आयोग ने ईश्चरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
घटना पर ऐक्शन लेते हुए चुनाव आयोग ने एडीजी (सीआईडी) और राज्य के प्रधान सचिव (गृह) को भी हटा दिया है।
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, ‘पश्चिम बंगाल में कुछ दिनों पहले हुई घटनाएं, खास तौर पर पिछले 24 घंटों में जो भी हुआ, राजनीतिक पार्टियों की तरफ से मिली शिकायत, पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के डीईसी की रिपोर्ट और स्पेशल ऑब्जर्वर अजय नायक (रिटायर्ड आईएएस) और विवेक दुबे (रिटायर्ड आईपीसी) की जॉइंट रिपोर्ट के आधार पर स्वतंत्र, मुक्त, पारदर्शी, हिंसा रहित और आदर्श चुनाव कराने के लिए कोई भी व्यक्ति या समूह पब्लिक मीटिंग नहीं कर सकता, इसके अलावा किसी भी अन्य ढंग से गुरुवार रात 10 बजे के बाद चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकता है। चुनाव प्रचार सिर्फ 16-05-2019 रात 10 बजे तक ही किया जा सकता है। यह आदेश पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों के लिए लागू होगा। इन सीटों पर 19 मई को मतदान होना है।’
चुनाव आयोग ने कहा, ‘शायह यह पहला मौका है जब चुनाव आयोग ने धारा 324 का प्रयोग किया है लेकिन कानून-व्यवस्था का फिर से पालन न होने पर, हिंसा होने पर और चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन होने पर यह कदम फिर से उठाया जा सकता है।’
चुनाव आयोग ने कहा, ‘चुनाव आयोग ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति को तोड़े जाने की निंदा करता है।’
बता दें कि 19 मई को पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर चुनाव होना है, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं। मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान खूब हंगामा हुआ। इस दौरान वहां के कॉलेज में ईसी विद्याासागर की मूर्ति भी क्षतिग्रस्त की गई। बीजेपी और टीएमसी इस हिंसा के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
क्या अनुच्छेद 324?
आर्टिकल 324 के तहत चुनाव आयोग ऐसे किसी भी मामले में दखल दे सकता है, जिनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी या अस्पष्टता लग रही हो। इस अनुच्छेद के तहत चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निर्विवाद चुनाव कराने के लिए कुछ शक्तियां दी गई हैं। इसके तहत वह प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती या छुट्टी, प्रचार के समय की अवधि तय करने, प्रचार के नियमन समेत कई महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह के रोडशो के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ था। रोडशो के दौरान पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें बीजेपी के कई समर्थकों के अलावा पत्रकारों को भी चोटें आईं। जगह-जगह पुलिस और बीजेपी समर्थकों में झड़प भी हुई, जिसके चलते पुलिस ने लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
ऐसे बढ़ा था झगड़ा
बताया गया कि अमित शाह के रोडशो के दौरान ट्रक पर डंडे फेंके जाने से झड़प शुरू हो गई। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा। बता दें कि आखिर दौर के चुनाव से पहले अमित शाह मंगलवार को कोलकाता में रोडशो करने पहुंचे। इस रोडशो में जगह-जगह बीजेपी समर्थकों के साथ टीएमसी और लेफ्ट कार्यकर्ताओं से झड़प होती रही।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जब अमित शाह का रोडशो कॉलेज स्ट्रीट पर कलकत्ता यूनिवर्सिटी के बाहर से गुजरा तो बीजेपी और लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। कई जगहों पर आगजनी भी की गई है, जिसके बाद पुलिस की टीमें आग बुझाने में लग गईं। रोडशो के दौरान बिगड़ी स्थिति के चलते विद्यासागर कॉलेज में बनी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति भी तोड़ दी गई।
-एजेंसियां

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