शिवपाल यादव की पार्टी को चुनाव आयोग ने दी मान्‍यता

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में अनदेखी के चलते पार्टी से अलग होने के बाद शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया था। पहले उन्होंने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा नाम से संगठन खोला, अब उनकी पार्टी का रजिस्ट्रेशन चुनाव आयोग में हो गया है। उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नाम से जानी जाएगी।
शिवपाल ने पहले ही ऐलान किया है कि उनकी पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अब उनकी पार्टी को चुनाव आयोग की मान्यता भी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि शिवपाल कई सीटों पर समाजवादी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनपर यह भी आरोप लगता रहा है कि वह बीजेपी से मिले हुए हैं। इस बात पर चर्चा और तेज तब हो गई, जब उन्हें लखनऊ में वही बंगला अलॉट कर दिया गया, जिसे बीएसपी प्रमुख मायावती से खाली कराया गया था।
यूपी में गठबंधन को प्रभावित कर सकती है शिवपाल की एंट्री
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने के लिए एसपी, बीएसपी और कांग्रेस के साथ-साथ कई अन्य छोटी पार्टियां भी गठबंधन कर सकती हैं। ऐसे में शिवपाल की एंट्री यूपी की राजनीति में नया ऐंगल ला सकती है। हालांकि, गठबंधन पर भी अभी आशंका के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में बीएसपी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एसपी ने भी गठबंधन की बजाय कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
आपको यह भी बता दें कि जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 2017 के चुनाव से पहले पार्टी में शुरू हुए विवाद के बाद से यह स्पष्ट हो गया था कि अब पार्टी में उनकी कोई जगह नहीं है। शिवपाल के मुताबिक, उन्होंने काफी इंतजार किया लेकिन लगातार एसपी में उनकी अनदेखी ही हुई।
-एजेंसियां

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