दिल्‍ली में आज फिर महसूस हुए भूकंप के झटके

नई दिल्‍ली। देश की राजधानी में सोमवार दोपहर फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्‍ली पिछले दो महीने से लगातार हल्‍के झटकों का शिकार हो रही है। इससे लोगों में पैनिक फैल रहा है। सोमवार दोपहर 2.1 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र हरियाणा के गुरुग्राम में बताया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों की शुरुआत 12 अप्रैल (3.5 तीव्रता) से हुई। तब से अब तक अलग-अलग दिन 14 बार झटके लग चुके हैं। एक्‍सपर्ट्स कहते हैं कि इन्‍हें हल्‍के में नहीं लिया जाना चाहिए। ये किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं।
इससे पहले कर्नाटक के हम्‍पी और झारखंड के जमशेदपुर में भूकंप के हल्‍के झटके महसूस किए गए। रिक्‍टर पैमाने पर इनकी तीव्रता 4 से 5 के बीच रही।
हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार को दो भूकंप आए जिसके झटके दिल्‍ली तक महसूस हुए। राहत की बात ये रही कि इनकी तीव्रता कम थी जिससे जानमाल को नुकसान नहीं हुआ। हालांकि ये छोटे-छोटे भूकंप किसी बड़े खतरे की आहट जरूर दे रहे हैं।
इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (IIT) कानपुर की एक रिसर्च दिल्‍ली से बिहार के बीच बड़े भूकंप की आशंका जाहिर करती है। इसकी तीव्रता भी रिक्‍टर पैमाने पर 7.5 से लेकर 8.5 के बीच हो सकती है। यानी यह भूकंप भारी तबाही मचा सकता है। मध्य हिमालयी क्षेत्र में भूकंप आया तो दिल्ली-एनसीआर, आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और पटना तक का इलाका प्रभावित हो सकता है। विभिन्‍न रिसर्च में दिल्‍ली में भूकंप को लेकर क्‍या कहा गया है, आइए जानते हैं।
IIT कानपुर में सिविल इंजिनियरिंग विभाग के प्रोफेसर जावेद एन मलिक के अनुसार उनके इस दावे का आधार यह है कि पिछले 500 साल में गंगा के मैदानी क्षेत्र में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। उत्‍तराखंड के रामनगर में चल रही खुदाई में 1505 और 1803 में भूकंप के अवशेष मिले हैं। उन्‍होंने बताया कि 1885 से 2015 के बीच देश में सात बड़े भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें तीन भूकंपों की तीव्रता 7.5 से 8.5 के बीच थी।
-एजेंसियां

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