ड्रैगन के जासूसी नेटवर्क ने भारत में की थी करीब एक हजार करोड़ की मनी लॉन्‍ड्रिंग

नई दिल्‍ली। आयकर विभाग के अनुसार चीनी नागरिकों ने 40 बैंक खाते खोलकर 1,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की थी। पुलिस अब उनके बीच हुए लेन-देन की जांच कर रही है।
भारत में चीन के जासूसी नेटवर्क की जांच में अब दो चीनी नागरिकों के बीच हुए लेन-देन को खंगाला जा रहा है। पकड़े गए कथित चीनी जासूस क्विंग शी और एक अन्‍य नागरिक लोउ पेंग के बीच कई बार रुपयों का लेन-देन हुआ है। शी सात दिन की पुलिस कस्‍टडी में है। वह 2013 से पहले भारत आया था। उसने 2013 में जामिया यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, पढ़ाई पूरी की और एमजेड कंपनी का डायरेक्‍टर बन गया। यह कंपनी एक चीनी कपल ने स्‍थापित की थी जो चीन लौटने से पहले क्विंग शी और एक नेपाली नागरिक को फर्म का डायरेक्‍टर बना गए थे।
मनी ट्रेल से पकड़ में आया नेटवर्क
लोउ पेंग ने कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड बनवाया और चार्ली पेंग के नाम से भारतीय पहचान हासिल कर ली थी। जांच एजेंसियों को पता चला कि शी और पेंग के बीच कई बार पैसों का लेन-देन हुआ। एमजेड फार्मेसी और पेंग की कंपनियों Inwin Logistics India Private Limited, OTA Logistics, Fin Black Rock Private Limited और Clean Harbours Private Limited के बीच लेनदेन की जांच हो रही है। दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल पेंग को तलब भी कर सकती है।
तिब्‍बतियों पर नजर रखने के लिए भेजा गया था पेंग!
आयकर विभाग ने अगस्‍त में कहा था कि एनसीआर में रहने वाले चीनी नागरिकों ने, जिनमें पेंग भी शामिल था, 40 बैंक खाते खोलकर 1,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की। पेंग एक कारोबारी होने का दावा करता है लेकिन एजेंसियों को शक है कि यह उसका कवर है। असल में वह एक चीनी जासूस है जिसे तिब्‍बती भिक्षुओं और दलाई लामा पर नजर रखने को कहा गया था। क्विंग शी और एमजेड के नेपाली डायरेक्‍टर शेर सिंह के लिंक्‍स का भी पता लगाया जा रहा है। आयकर विभाग की छापेमारी में क्विंग और सिंह के 8 मोबाइल्‍स और चार लैपटॉप्‍स सीज किए गए थे।
-एजेंसियां

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