केडी हास्पीटल में डा. रश्मि ने बताया, Swine flu कैसे होता है?

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में मार्च में भी जारी ‘गुलाबी ठंड‘ के चलते वाइरल इंफेक्शन के मरीजों की ओपीडी में कोई कमी नहीं आई है। सर्दी जारी रहने से ब्रजवासियों में जुकाम, खांसी, गले में दर्द, स्वांस लेने में तकलीफ होने, बुखार उल्टी और दस्त होने के लक्षणों की शिकायतें आमतौर पर मिल रही हैं। यदि आपको भी ये लक्षण हों और साथ ही अस्थमा और मधुमेह जैसी बीमारी से पहले से ही पीडित हो तो आपको तुरंत किसी प्रशिक्षित फिजीशियन से परामर्श लें, क्यों ये लक्षण मधुमेह और अस्थमा जैसी बीमारियों के साथ न केवल खतरनाक हो सकते हैं अपितु जानलेवा भी हो सकते हैं। इसी लिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं। संक्रमण रोकने के उपायों को अमल में लाकर नजदीकी चिकित्सक से सलाह लें। चिकित्सक की सलाह और आवश्यकता पडने पर Swine flu के इलाज के लिए निर्धारित केंद्र पर भर्ती कराएं।
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की जनरल मेडिसिन की विभागाध्यक्ष डा. रश्मि मोडवाल ने बताया कि सर्दी के मौसम अक्टूबर से जनवरी तक सामान्य रुप से वाइरल इंफेक्शन फैलता है, क्योंकि सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू का वाइरस सक्रिय हो जाता है। Swine flu के लक्षण सामान्य सी खांसी, जुकाम, गले में दर्द, स्वांस लेने में तकलीफ होने, बुखार उल्टी और दस्त होने जैसे होते हैं। ग्रामीणजन स्वास्थ्य जन जागरुकता के अभाव में इन बीमारियों को खुद ही दवा लेकर ठीक करने की कोशिश करते हैं। जो कि कई बार मधुमेह और अस्थमा के मरीजों के लिए जानलेवा तक हो जाता है। ये वाइरल इंफेक्शन छोटे बच्चों, वृद्वों में ज्यादा प्रभावशाली दिखता है।

डा. रश्मि मोडवाल बताती हैं कि स्वांस लेने में दिक्कत होना, बुखार जुकाम आदि लक्षण स्वाइन फ्लू के हैं। जो मधुमेह और अस्थमा वाले मरीजों के लिए ज्यादा घातक हो जाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि यदि आपको तेज बुखार और स्वांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो तुरंत चिकित्सालय लेकर आएं। मरीज को चिकित्सक की सलाह पर निर्धारित केंद्र पर भर्ती कराएं। डा. मोडवाल ने बताया कि किसी मरीज को यदि स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आएं तो घर में मरीज को अलग कमरे में रखें, डाक्टर द्वारा बताई दवाएं समयानुसार खिलाएं, मरीज की अन्य लोगों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखें, मरीज के खांसते और छींकते समय मुंह को ढक कर रखें। बीमार व्यक्ति के कपडे, उसके उपयोग किये सामान आदि भी वाइरस से संक्रमित हो सकते हैं। इससे इन्हें छुएं नहीं। यदि संक्रमित वस्तुओं को स्वस्थ व्यक्ति द्वारा छू लिया गया हो तो हाथों को नाक, कान और मुंह से न लगाएं। तुरंत ही साबुन आदि से हाथों को अच्छी तरह से धोएं।

Swine flu का वाइरस सक्रिय होता है सर्दी में-डा. रश्मि मोडवाल
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के जनरल मेडिसिन विभाग विभागाध्यक्ष डा. रश्मि मोडवाल ने बताया कि स्वाइन फ्लू वाइरल इंफेेेे वाली बीमारी होती है। जो कि सर्दी के मौसम में इस रोग के वाइरस के सक्रिय होने से फैलती है। इस बीमारी के मरीजों को भर्ती करने के कुछ ही हास्पीटल होते हैं। इस बीमारी की जांच काफी महंगी होती है। जो कि कुछ लैब में हो पाता है। ऐसे लक्षणों वाले मरीज ब्रज क्षेत्र मेें काफी कम संख्या में पाए जाते हैं।

चिकित्सकों की राय अपनाकर वाइरल इंफेक्शन से बचें-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि केडी हास्पीटल का जनरल मेडिसिन विभाग काफी काबिल और जिम्मेदार है। ब्रजवासियों को चिकित्सकों की राय पर चलना चाहिए। संक्रामक बीमारियों से बचाव को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू हर स्थिति में खतरनाक नहीं होती है। मगर चिकित्सकों की राय पर अमल करके ही ऐसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

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