डॉ. प्रियंका ने बताए डेंटल सेटिंग में संक्रमण नियंत्रण के उपाय

मथुरा। इन दिनों KD डेंटल कॉलेज मथुरा के छात्रों को प्रख्यात राष्ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय दंत विशेषज्ञों के अनुभवों का लाभ CDE वेबिनार के माध्यम से लगातार मिल रहा है। इसी कड़ी में गत दिवस क्लीनिकल स्पेशलिस्ट (3-एम) डॉ. प्रियंका जैन सिक्का ने दो सत्रों में छात्र-छात्राओं को डेंटल सेटिंग में संक्रमण नियंत्रण के उपाय बताए।

डा. प्रियंका जैन सिक्का

डॉ. प्रियंका जैन सिक्का ने छात्र-छात्राओं को बताया कि दंत चिकित्सा के अभ्यास में रोटरी दंत और शल्य चिकित्सा उपकरणों हैंडपीस, अल्ट्रासोनिक स्केलर तथा हवा-पानी की सिरिंज आदि का प्रयोग किया जाता है। ये उपकरण एक दृश्यमान स्प्रे बनाते हैं जिसमें पानी, लार, रक्त, सूक्ष्मजीव और अन्य मलबे के कण समाहित हो जाते हैं लिहाजा नैदानिक अभ्यास में हमें काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

डॉ. प्रियंका सिक्का ने क्लीनिकल प्रैक्टिस में पालन की जाने वाली बुनियादी क्रियाओं प्रशासनिक, पर्यावरणीय और इंजीनियरिंग नियंत्रण के बारे में भी प्रकाश डाला। उन्होंने पीपीई के सही उपयोग, आत्म-संदूषण को रोकने तथा पीपीई को ठीक करने या कीटाणुरहित करने के बारे में भी छात्र-छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिक्का ने दंत चिकित्सकों के लिए रेस्पिरेटर्स (एन 95, एफएफपी 2 और हाफ फेस पीस) के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा सर्जिकल मास्क ड्रॉपलेट स्पैटर से मुंह और नाक के श्लेष्मा झिल्ली की रक्षा तो करते हैं लेकिन वे हवाई संक्रामक एजेंटों के साँस लेने के खिलाफ पूर्ण सुरक्षा प्रदान नहीं करते। उन्होंने सीडीसी दिशा-निर्देशों के अनुसार दान, डोफिंग और सील चेक पर भी जोर दिया।

डॉ. सिक्का ने दूसरे सत्र में छात्र-छात्राओं को कोरोना संक्रमण के इस दौर में हैंड हाईजीन प्रोटोकॉल का पालन करने की बात कही। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि रोगी के सम्पर्क से पहले और बाद में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) को हटाने के बाद हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। हमें हाथ से रोगजनकों को हटाने के लिए अल्कोहल आधारित एवागार्ड या कम से कम 20 सेकेंड के लिए साबुन और पानी से हाथ धोना चाहिए। डॉ. प्रियंका सिक्का ने एकल रोगी समाधान और दंत चिकित्सा पद्धति में बहु उपयोग समाधान पर भी प्रकाश डाला। के.डी. डेंटल कॉलेज के प्राचार्य  डॉ. मनेष लाहौरी का कहना है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में पाठ्य-पुस्तकों की अपेक्षा छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दंत विशेषज्ञों का अनुभव काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *