Dr. Prabhat Kumar ने लिया यूपीपीएससी अध्यक्ष पद का चार्ज

प्रयागराज। 1985 बैच के आईएएस अफसर Dr. Prabhat Kumar ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। भारतीय राजस्व सेवा से डा. कुमार की पत्नी हिमालनी कुमार वर्तमान में नई दिल्ली स्थित इनकम टैक्स विभाग में चीफ कमिश्नर (सेंट्रल जोन) हैैं। Dr. Prabhat Kumar इसी वर्ष 30 अप्रैल को कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा, यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत हुए हैैं। वह गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति, दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव व महानिदेशक समेत समेत राज्य सरकार में डीएम-कमिश्नर व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैैं।

अब न्यूनतम समय में हुआ करेंगी भर्तियां: Dr. Prabhat Kumar

डॉ. प्रभात कुमार ने चार्ज लेने के बाद कहा कि मेरे रहते अभ्यर्थियों को किसी तरह की फिक्र करने की जरूरत नहीं रहेगी। मेरे लिए उनका भविष्य सबसे पहले है। विवाद और कार्यप्रणाली पर सवाल तभी उठते हैैं जब कोई काम पारदर्शिता और निष्पक्षता से नहीं होता।

आयोग में हुई गड़बडिय़ों की जांच होगी और जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी, फिर वह चाहे आयोग के सर्वोच्च पद पर बैठने वाला व्यक्ति ही क्यों न रहा हो। गड़बड़ी करनेवाले जेल जाएंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों में जिनकी भूमिका जरा भी संदिग्ध मिलेगी, उनकी स्क्रीनिंग करके आयोग से छुट्ट की जाएगी। साफ-सुथरी छवि वाले ही अब आयोग में रह सकेंगे। मैैं तो कहता हूं कि कहीं भी सरकारी सेवा में रहने वाले पूरी निष्ठा से नौकरी करें, नहीं तो इस्तीफा दे दें।

डॉ. प्रभात कुमार ने आगे कहा कि आइएएस के लिए चयन प्रक्रिया में अधिकतम सवा साल लगता है। मेरा साफ मानना है कि इससे कम ही समय किसी भी पद पर भर्ती की प्रक्रिया में लगना चाहिए। अब आयोग न्यूनतम समय में भर्ती की प्रक्रिया पूरा करेगा। जिन पदों के लिए कम अभ्यर्थी होते हैैं उनकी ऑनलाइन परीक्षा कराने पर भी विचार करेेंगे। भर्तियों में समय लगने से जहां अभ्यर्थी परेशान रहते हैैं वहीं विभागों के पद न भरने से सरकारी कामकाज भी प्रभावित होता है। सरकार भी चाहती है कि जल्द रिक्त पदों को भरा जाए। आयोग में विभिन्न पदों के लिए विभागों के जो भी अधियाचन पड़े हैैं, उन पर तेजी से कार्यवाही होगी।

राजपत्रित अफसरों में पीसीएस से लेकर इंजीनियर तक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए सहमति देने संबंधी बड़ी संख्या में मामले जानबूझकर आयोग में दबे हुए हैैं। ऐसे सभी मामलों की विभागवार सूची बनाकर उन्हें एक माह में ही निस्तारित करने की कोशिश रहेगी।

राजपत्रित अफसरों के खिलाफ लंबित मामलों में दंडात्मक कार्रवाई

राजपत्रित अफसरों में पीसीएस से लेकर इंजीनियर तक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए सहमति देने संबंधी बड़ी संख्या में मामले जानबूझकर आयोग में दबे हुए हैैं। ऐसे सभी मामलों की विभागवार सूची बनाकर उन्हें एक माह में ही निस्तारित करने की कोशिश रहेगी।

-एजेंसी

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