Dr. Nikhil ने दी दंत चिकित्सा में नई तकनीक की जानकारी

मथुरा। के.डी. डेंटल कालेज एण्ड हास्पिटल द्वारा आयोजित सतत दंत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में जाने-माने दंत रोग विशेषज्ञ Dr. Nikhil Bahuguna ने डेंटल के छात्र-छात्राओं और डाक्टरों को कम्पोजिट (मसाले) का दांतों में प्रयोग तथा एंडोडॉन्टिक्स पर विस्तार से प्रकाश डाला। डा. बहुगुणा ने कहा कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नई-नई तकनीकें आ गई हैं, इन तकनीकों की मदद से दांतों का सम्पूर्ण इलाज सम्भव है, अतः अब दांत उखाड़ने की नौबत नहीं आती।

कार्यक्रम में डा. बहुगुणा ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक तरीके से दांतों से जुड़ी समस्याओं और उनके निराकरण से अवगत कराया। डा. बहुगुणा ने कहा कि हर इंसान के दांतों की बनावट अलग-अलग होती है, ऐसे में हर एक का इलाज एक ही तरीके से नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा क्षेत्र बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है। नई तकनीक आने से अब दांतों में पिन लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। डा. बहुगुणा ने कम्पोजिट पर बोलते हुए कहा कि अब टेढ़े-मेढ़े दांतों को न केवल सुन्दर बनाया जा सकता है बल्कि मसाले से उन्हें सही आकार दिया जा सकता है।

डा. बहुगुणा ने बताया कि दांतों की भराई में जैव सक्रिय शीशे का इस्तेमाल न केवल बैक्टीरिया द्वारा दांतों को खराब करने से रोकता है बल्कि यह दांतों को भराई के दौरान नष्ट हो चुके कई खनिजों की दोबारा आपूर्ति करता है। डा. बहुगुणा ने डाक्टरों को प्रतिदिन मरीजों के दांत की नस के इलाज में आने वाली परेशानियों से बचने के उपाय भी बताए।

डा. बहुगुणा ने जूनियर डाक्टरों को कम्पोजिट के कहां और कैसे उपयोग की जानकारी दी तथा यह भी प्रदर्शित किया कि उचित प्रतिदानों और परिपक्वताओं का चयन करके दांतों को सही आकृति कैसे दी जा सकती है। डा. बहुगुणा ने न सिर्फ वक्तव्य द्वारा बल्कि मसाले के प्रयोग को प्रयोगात्मक तरीके से भी समझाया। के.डी. डेंटल कालेज के छात्र-छात्राओं और डाक्टरों ने व्याख्यान और लाइव प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने अतिथि वक्ता डॉ. निखिल बहुगुणा को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अंत में डा. अजय नागपाल ने सभी का आभार माना।

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