डॉ. ललिथंबिका संभालेंगी देश के Gaganyan मानव मिशन की कमान

नई दिल्ली। इसरो देश के पहले Gaganyan मानव मिशन में सात दिन के लिए तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की परियोजना Gaganyan को मंजूरी दे दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत के इस महत्वाकांक्षी मिशन को अंजाम देने में एक दिग्गज महिला वैज्ञानिक का सबसे अहम भूमिका निभा रही हैं। 30 साल का अनुभव रखने वाली 56 वर्षीय डॉ. ललिथंबिका अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत को कई उपलब्धियां दिलाने वाली टीमों का हिस्सा रह चुकी हैं। यहां जानें ललिथंबिका के बारे में –

– ललिताम्बिका का जन्म 1962 में केरल के तिरुअनंतपुरम में हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग, त्रिवेंद्रम से कंट्रोल इंजिनियरिंग में एमटेक किया।
– इसरो में जाने से पहले उन्होंने दो कॉलेजों में पढ़ाया भी था। उन्होंने इसरो में काम करते हुए अपनी पीएचडी की।

– इसरो ने फरवरी, 2017 में पीएसएलवी के जरिए एक साथ 104 सैटेलाइट को सफल तरीके से लांच कर इतिहास रचा था। ललिताम्बिका भी इस टीम का हिस्सी थीं। स

– इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने ललिताम्बिका को गगनयान मिशन में शामिल कर बड़ी जिम्मेदारी दी।

– ललिताम्बिका को लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी में शानदार प्रदर्शन के लिए एस्ट्रोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया एक्सेलेंस अवॉर्ड भी मिल चुका है।

– 1988 में तिरुअनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) को ज्वॉइन किया था। वह एडवांस्ड लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट हैं।

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फायदे
– अंतरिक्ष में मानव मिशन सफल रहने के बाद चांद या अन्य ग्रहों पर भी मानव मिशन भेजने की राह खुलेगी।
– आने वाले वर्षो में अंतरिक्ष पर्यटन बढ़ने की संभावना है। इसलिए इसरो की सफलता भी अंतरिक्ष पर्यटन की जमीन तैयार करेगी।

असर
– यह परियोजना देश में शोध कार्यों को बढ़ावा देगी, साथ ही देश को अंतरिक्ष एवं विज्ञान क्षेत्र की नई प्रौद्योगिकी तैयार करने में मदद मिलेगी।
– मेडिसिन, कृषि, औद्योगिक सुरक्षा, प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, जल एवं खाद्य स्रोत प्रबंधन के क्षेत्र में तरक्की करने के नए मार्ग खुलेंगे।

रणनीति
– औद्योगिक जगत की सहायता से इसरो फ्लाइट से जुड़े हार्डवेयर व अन्य उपकरण जुटाएगा।
– राष्ट्रीय एजेंसियां, शिक्षाविद् और लैबोरेटरी विशेषज्ञ अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण देंगे।

-एजेंसी

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