केडी हास्पीटल के Dr. Aman Goyal ने बुजुर्गों को दी आजादी

केडी हास्पीटल के Dr. Aman Goyal ने  बीना गुप्ता और मुन्नी देवी के टेढ़़े पडे घुटनों को सीधा कर दर्द से मुक्ति दिलाई

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के हड्डी रोग विभाग के Dr. Aman Goyal ने बताया कि अधिक उम्र और शरीर के अधिक भारी हो जाने से घुटने टेडा हो जाता है। इससे उस पर गलत फोर्सेज लगते हैं। चलना फिरना नामुमकिन हो जाता है। इस परेशानी को आपरेशन से दूर किया जा सकता है। ऐसा ही वे बीना गुप्ता और मुन्नी देवी को चलने फिरने की आजादी देकर कर चुके हैं। उन्‍होंने दोनों मरीजों के टेढ़े पड़े घुटनों को सीधा कर दर्द से भी मुक्ति दिला दी है। अब बीना और मुन्नीदेवी अपना कामकाज खुद करने में सक्षम हो गई हैं। उन्हें इसके लिए परिजनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
हरियाणा के गुडगांव निवासी बीना गुप्ता छह माह से चल फिर नहीं पा रही थीं। उनका एक पैर घुटने से अंदर की ओर तो दूसरा बाहर की ओर टेडा था। ये अपने आप में दुर्लभ मामला था। बिस्तर पर पड़े रहना उनकी विवशता बन चुकी थी। कई नामीगिरामी चिकित्सालयों में दिखाया। कहीं इलाज न हो पाने की बात कही तो कहीं बहुत ज्यादा फीस जमा करने को कहा। जिसे वे जमा नहीं कर सकीं। पडोसियों की सलाह पर वह केडी हास्पीटल की ओपीडी में डा. अमन गोयल से आकर मिलीं। उन्होंने जांच कराने के बाद बताया कि दोनों घुटनों की टिबिया में रोड डालनी पड़ेगी, इससे वे शरीर का बोझ उठा सकें।
दूसरे मामले में मथुरा के छाता स्थित विडावली निवासी 55 वर्षीय मुन्नी देवी ने बताया कि उनका 15 साल की उम्र में पैर टूटा था जो कि देसी इलाज कराने के कारण तीन जगह से टेड़ा हो गया था। उन्होंने भी केडी हास्पीटल में डा. अमन गोयल से मुलाकात सलाह मांगी। जांच के बाद परिजनों की सहमति से आॅपरेशन किया गया। इस दौरान चालीस पूर्व जहां से पैर टूटा था और तीन जगह से गलत तरीके से जुड़ा हुआ था। उसे पुनः सही तरीके से जोडा गया हैं। वह भी तीन माह के बाद खूब चलने फिरने लगी हैं। दोनों मरीजों के परिजनों की सहमति से डा. अमन गोयल के नेतृत्व वाली टीम डा. बीपीएस भदौरिया, डा. आनंद और एनथिस्ट डा. निजावन, सहायक पवन ने आॅपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम दिया।

सभी लोग पचास साल की उम्र के बाद रखें ये बातें याद-डा. अमन गोयल
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के हड्डी रोग विभाग के डा. अमन गोयल ने बताया कि आज चिकित्सा विज्ञान नित नई खोजों के आधार पर मरीजों को काफी राहत प्रदान कर रहा है। मुन्नी देवी का केस कई चिकित्सालयों में आॅपरेशन और इलाज करने से इंकार कर देने के बाद उन्होंने चुनौती को स्वीकार किया था। वैसे ही बीना गुप्ता के मामले में भी उन्होंने काफी मेहनत की। इन आॅपरेशनों में 5 से 7 घंटों का समय लगा। आपरेशन से पूर्व भी काफी प्लानिंग करनी पडी। इससे मरीजों को भविष्य में कोई खास परेशानी का सामना न करना पडे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे 50 साल की उम्र के बाद शरीर का वजन न बढने दें। इसे घटाएं। आल्थी-पाल्थी मार कर जमीन पर न बैठें। कुर्सी का इश्तेमाल करें। ऐसी सावधानिया रखने से घुटनों में दर्द नहीं होगा।

केडी हास्पीटल में आर्थाे आपरेशन की हर सुविधा उपलब्ध-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि केडी हास्पीटल का हडडी रोग विभाग ब्रजवासियों की चिकित्सा सेवा करने में जुटा हुआ है। इन चिकित्सकों में Dr. Aman Goyal तो अब तक 111 से अधिक घुटना प्रत्यारोपित कर चुके हैं। अब वह 300 से अधिक हड्डियों से संबंधित आॅपरेशनों को अंजाम दे चुके हैं। इनका घुटना प्रत्यारोपण और अन्य आॅपरेशनों का अनुभव मरीजों की सेवा में काफी काम आ रहा है। इससे अन्य मरीजांे को भी लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घुटनों और जोडों के दर्द के मामले में मरीजों को अब आगरा या दिल्ली जाने की जरुरत नहीं है। ये सुविधाएं केडी हास्पीटल में उपलब्ध हैं। जिनका लाभ ब्रजवासियों को उठाना चाहिए।

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