Ajit Doval ने की धर्मगुरुओं के साथ बड़ी बैठक

नई द‍िल्ली। अयोध्या पर आए उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद आज रविवार को दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval के आवास पर बाबा रामदेव, स्वामी परमात्मानंद, स्वामी अवधेशानंद, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद, मौलाना मदनी के साथ साथ अन्य धर्मगुरुओं की बैठक हुई। मीटिंग में स्वामी रामदेव, अवधेशानंद गिरी (आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा), स्वामी परमात्मानंद शामिल हुए। तकरीबन 2 घंटे चली इस मीटिंग में देश में शांति-व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान धार्मिक नेताओं और डोभाल के बीच देश में मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा यह तय हुआ कि किस तरह से विभिन्न समुदायों के नेता फैसले को ध्यान में रखते हुए समाज में सद्भाव का संदेश दे सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धार्मिक नेताओं की ओर से मीडिया से भी बात की जा सकती है। अवधेशानंद गिरि हिंदू धर्माचार्य सभा के चेयरमैन भी हैं। उनके अलावा संत परमात्मानंद को पीएम नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है।

Ajit Doval held a big meeting with the religious leaders at his residence
Ajit Doval held a big meeting with the religious leaders at his residence

अयोध्या विवाद मामले में 70 साल चली कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट में लगातार 40 दिन की सुनवाई के बाद शनिवार को ऐतिहासिक फैसला आया। फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में सुनाया गया। इसी फैसले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) Ajit Doval ने साधु-संतों के साथ मीटिंग की। अवधेशानंद गिरि और परमात्मानंद ने बताया कि अयोध्या पर फैसले के बाद देश की परिस्थितियों को लेकर डोभाल से चर्चा हुई। परमात्मानंद ने कहा कि हमने देश में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ चर्चा की। हम इसे लेकर काम करते रहेंगे।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया कि विवादित भूमि रामलला विराजमान को दी जाएगी और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी। अदालत ने कहा कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए 3 महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया लेकिन साथ ही कहा कि निर्मोही अखाड़ा को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी।

पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी

फैसले के बाद कहीं कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैद दिखी। यहां तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखी गई ताकि किसी प्रकार की अफवाह से शांति भंग न हो। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनएसए अजीत डोभाल, गृह सचिव अजीत भल्ला, आईबी के निदेशक अरविंद कुमार के साथ हर एक स्थिति पर नजर रखी।

यूपी में मिलाद-उन-नबी के जुलूस पर रोक नहीं
इस बीच यूपी सरकार ने पूरे सूबे में सुरक्षा चाक-चौबंद रखी है। हालांकि मिलाद-उन-नबी के जुलूस पर रोक नहीं है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि अयोध्या के फैसले के मद्देनजर उठाए कदमों में मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकलने वाले जुलूसों पर रोक शामिल नहीं है। हालांकि अन्य किसी तरह के जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं है।

– एजेंसी

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