डोनल्ड ट्रंप ने कहा, इस बार चुनाव के नतीजे सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे

वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नवंबर में चुनाव हार जाने के बाद भी शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण से इंकार किया है.
डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि चुनाव के नतीजे अमरीकी सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे, क्योंकि उन्हें पोस्टल वोटिंग पर शक है.
कई राज्य मेल के ज़रिए मतदान को बढ़ावा दे रहे हैं जिसके पीछे वो कोरोना वायरस से सुरक्षा को वजह बता रहे हैं.
डोनल्ड ट्रंप से एक पत्रकार ने सवाल किया था कि डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन से चुनाव हारने, जीतने या ड्रॉ होने की स्थिति में क्या वो शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण करेंगे.
इस पर डोनल्ड ट्रंप ने कहा, ”मैं मतपत्रों को लेकर शिकायत करता आया हूं, और वो एक मुसीबत हैं.”
जब पत्रकार ने कहा कि लोग हंगामा कर रहे हैं तो डोनल्ड ट्रंप ने उन्हें टोकते हुए कहा, ”मतपत्रों से छुटकारा पाएं और बहुत-बहुत शांतिपूर्ण- सत्ता हस्तांतरण नहीं होगा बल्कि वही सरकार जारी रहेगी.”
साल 2016 में भी डोनल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन से चुनाव लड़ते हुए भी नतीजों को स्वीकार ना करने की बात कही थी. हिलेरी क्लिंटन ने इसे अमरीकी लोकतंत्र पर हमला बताया था.
हालांकि, चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप की जीत हुई लेकिन उन्होंने 30 लाख वोट भी खोए जिस पर वो आज भी संदेह जताते हैं.
डेमोक्रेट्स ने क्या कहा
पिछले महीने हिलेरी क्लिंटन ने जो बाइडन से किसी भी स्थिति में हार ना मानने के लिए कहा था.
उन्होंने ऐसी स्थिति का जिक्र किया था जिसमें रिपब्लिकन पार्टी एबसेंटी बैलेट्स (मतदान के दौरान अनुपस्थित मतदाता) को लेकर हंगामा करेगी और नतीजों को चुनौती देने के लिए वकीलों की एक फौज़ इकट्ठा करेगी.
रिपब्लिकन नेताओं ने बुधवार को जो बाइडन पर भी अगस्त में चुनाव से पहले यह कहने को लेकर अशांति फैलाने का आरोप लगाया कि ”क्या किसी का मानना है कि डोनल्ड ट्रंप के जीतने पर अमरीका में कम हिंसा होगी.”
ट्रंप का सुप्रीम कोर्ट को लेकर बयान
इससे पहले बुधवार को अमरिकी राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रूथ बेडर गिन्सबर्ग की मृत्यु के बाद खाली हुए पद पर चुनाव से पहले नियुक्ति के अपने फैसले का बचाव किया. साथ ही कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चुनाव अदालत में जाकर ख़त्म होंगे.
जस्टिस रूथ बेडर गिन्सबर्ग की 18 सितंबर को मौत हो गई थी.
ट्रंप ने कहा, ”मुझे लगता है कि ये सुप्रीम कोर्ट में ख़त्म होगा और वहां नौ न्यायाधीशों का होना बहुत ज़रूरी है. ये बेहतर है कि चुनाव से पहले ऐसा कर दिया जाए क्योंकि डेमोक्रेट्स जो घोटाला कर रहे हैं वो अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के सामने होगा.”
डोनल्ड ट्रंप ने फिर से इस बात का जिक्र किया कि मेल से होने वाले मतदान में धोखाधड़ी आसान है.
उन्होंने कहा कि वह इस शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के लिए एक महिला उम्मीदवार को नामांकित करेंगे. उनकी जस्टिस रूथ बेडर गिन्सबर्ग की जगह नियुक्ति होगी.
पोस्टल वोटिंग को लेकर हंगामा क्यों
कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरे के चलते इस बार पोस्टल वोटिंग में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हुई है.
पोस्टल वोटिंग में लोग खुद वोट करने नहीं जाते बल्कि डाक के ज़रिए वोट देते हैं.
कमिश्नर ऑफ द फेडरल इलेक्शन कमीशन एलेन वीट्रॉब ने कहा, ”इस साजिश का कोई आधार नहीं है कि मेल से मतदान में धोखाधड़ी होती है.”
पोस्टल बैलेट धोखाधड़ी के अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जैसे कि 2018 में नॉर्थ कैरोलाइना प्राइमरी में. जहां एक रिपब्लिकन उम्मीदवार के मतदान पत्रों से छेड़छाड़ के बाद फिर से मतदान किया गया था.
न्यू जर्सी में इस साल एक मामला आया था जिसमें दो डेमोक्रेटिक काउंसलर्स पर पोस्टल वोटिंग में कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था.
ब्रेनन सेंटर फॉर जस्टिस के 2017 के एक अध्ययन के मुताबिक अमरीका में मतदान धोखाधड़ी की दर 0.00004% और 0.0009% के बीच है.
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक राजनीतिक वैज्ञानिक चार्ल्स स्टीवर्ट के शोध के अनुसार, पोस्टल बैलट के मामले में मतपत्रों के लापता होने की संभावना अधिक होती है.
उन्होंने गणना की है कि 2008 के चुनाव में मेल से किए गए मतदान में खोने वाले मतों की संख्या 76 लाख या उन पांच व्यक्तियों में से एक हो सकती है जिन्होंने अपने मतपत्र पोस्ट किए थे.
-BBC

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