डोनाल्ड ट्रम्प ने इमरान से कश्‍मीर मुद्दे पर नहीं की कोई चर्चा

दावोस। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बैठक के दौरान कश्मीर मुद्दे पर चर्चा नहीं की।
व्हाइट हाउस की तरफ से दोनों की बैठक के बाद जारी हुए आधिकारिक बयान (रीडआउट) में साफ है कि ट्रम्प ने पूरी चर्चा के दौरान कहीं भी कश्मीर मसले का जिक्र नहीं किया। इसमें सिर्फ यह कहा गया है कि अमेरिका-पाकिस्तान के बीच क्षेत्रीय मुद्दों पर बात हुई। इसमें अफगानिस्तान पर चर्चा प्रमुख थी। माना जा रहा है कि अमेरिका तालिबान से समझौते को अगले महीने तक फाइनल कर देगा इसलिए दोनों देशों के बीच अफगानिस्तान पर प्रमुखता से बात हुई।
हालांकि व्हाइट हाउस ने बैठक से पहले की जो ट्रांसक्रिप्ट जारी की है, उसमें ट्रम्प को साफ तौर पर कश्मीर का जिक्र करते सुना जा सकता है।
वह कहते हैं, “हम कश्मीर मुद्दे पर बात कर चुके हैं। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में इसे लेकर जो चल रहा है अगर हम उस पर मदद कर सकते हैं तो जरूर करेंगे। हम इस मुद्दे पर करीब से नजर रख रहे हैं।”
पाकिस्तान दौरे का सवाल टाल गए ट्रम्प
बैठक के दौरान मीडिया ने ट्रम्प से पूछा कि क्या वे अगले महीने भारत दौरे के बाद पाकिस्तान भी जाएंगे।
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने सवाल टालते हुए कहा, “हम अभी मिल रहे हैं ताकि आगे मुलाकात न करनी पड़े।”
ट्रम्प ने कहा कि इमरान और उनके काफी अच्छे रिश्ते हैं और वे इमरान को देख कर काफी खुश हैं।
माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति फरवरी के आखिरी हफ्ते में भारत दौरे पर आ सकते हैं।
न्यूज़ एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक अभी दौरे की तारीख तय नहीं है। हालांकि ट्रम्प के लिए भारत में हाउडी मोदी जैसा इवेंट हो सकता है। बताया गया है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ट्रम्प के दौरे पर ही तरणजीत सिंह संधू को अमेरिका का राजदूत नियुक्त करने का ऐलान कर सकता है।
अभी अफगानिस्तान ज्यादा अहम मुद्दा: ट्रम्प
ट्रम्प ने इमरान से मुलाकात के दौरान कहा, “हमने व्यापार के साथ अन्य कई चीजों पर चर्चा की लेकिन व्यापार सबसे अहम रहा। फिलहाल मुख्य मुद्दा अफगानिस्तान है क्योंकि उसे लेकर अमेरिका और पाकिस्तान दोनों चिंतित हैं। हम दोनों वहां शांति चाहते हैं इसीलिए तालिबान और सरकार के साथ बातचीत कर बदलाव की बात करते हैं। ऐसा दूसरा देश नहीं कर सका।
ट्रम्प भारत-पाकिस्तान के बीच छह बार मध्यस्थता की पेशकश कर चुके हैं
ट्रम्प ने पहली बार कश्मीर मुद्दे का जिक्र पिछले साल जुलाई में इमरान खान के साथ बैठक में ही किया था। इसके बाद से लेकर अब तक वे करीब छह बार दोनों देशों के बीच कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश कर चुके हैं। भारत ने 5 अगस्त को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया था। इसके बाद मोदी और ट्रम्प जी-7 सम्मेलन में मिले। बैठक में मोदी ने स्पष्ट किया था कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला है और वे इस पर किसी और देश को कष्ट नहीं देना चाहते।
-एजेंसियां

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