डॉक्टर फ़ाउची ने शुरुआती दिनों में ही बता दिया था कि कोरोना वायरस चीन के वुहान की प्रयोगशाला से लीक हुआ

वॉशिंगटन। अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची और उनके सहकर्मियों ने महामारी के शुरुआती दिनों में ही वुहान लैब थ्योरी पर ध्यान दिया था, जिसके मुताबिक़ कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर में स्थित एक प्रयोगशाला से लीक हुआ.
डॉक्टर एंथनी फ़ाउची के इस दावे को अधिकांश विशेषज्ञों ने पिछले साल ख़ारिज कर दिया, उन्होंने कहा कि ऐसा होने की संभावना बहुत ही कम है. अब तक ऐसा कोई सबूत भी नहीं मिला है जो इसे सही साबित करता हो लेकिन पिछले दिनों अमेरिका की बाइडन सरकार ने वुहान में हुई जाँच पर सवाल उठाए, जिसके बाद इस थ्योरी पर फिर से चर्चा होने लगी है.
जनवरी 2020 में एक ईमेल जो डॉक्टर फ़ाउची को अमेरिका की सबसे बड़ी बायोमेडिकल रिसर्च टीम के डायरेक्टर ने भेजा था, उसमें कहा गया कि इस वायरस के कुछ फ़ीचर असामान्य हैं और ऐसा लगता है कि इसे तैयार किया गया है. इसके जवाब में डॉक्टर फ़ाउची ने लिखा कि वे फ़ोन पर उनसे इस बारे में बात करेंगे.
अप्रैल 2020 में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ के डायरेक्टर फ्रांसिस कॉलिन्स ने भी इसी बारे में डॉक्टर फ़ाउची को एक ईमेल लिखा. उनके ईमेल का विषय था: ‘वुहान वाली षड्यंत्र की थ्योरी को बल मिल रहा है.’ इस पर डॉक्टर फ़ाउची का जवाब नहीं मिल पाया.
इसी साल मई में डॉक्टर फ़ाउची ने कहा कि वो इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि ये वायरस क़ुदरती तौर पर पैदा हुआ और उन्होंने कहा कि इसकी गंभीरता से जाँच होनी चाहिए.
डॉक्टर एंथनी फ़ाउची के हज़ारों निजी ईमेल बताते हैं कि कोरोना महामारी की शुरुआत में किस तरह की चिताएँ और भ्रम की स्थिति थी.
80 साल के डॉक्टर एंथनी फ़ाउची का तजुर्बा काफ़ी लंबा है. वे अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ में एक विशेषज्ञ के तौर पर सात राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बराबर काम कर चुके हैं.
वे अमेरिका में कोविड-19 से लड़ने के लिए बनी नेशनल रिस्पॉन्स टीम का चेहरा हैं. इस काम के लिए उन्हें अमेरिका में ज़बरदस्त प्रशंसा मिली है, तो कुछ लोग उनके निर्णयों की कड़ी आलोचना भी करते हैं.
द वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार, बज़फ़ीड न्यूज़ और अमेरिकी प्रसारक सीएनएन ने फ़्रीडम ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशऩ एक्ट के तहत जनवरी से जून 2000 के बीच डॉक्टर एंथनी फ़ाउची के हज़ारों निजी ईमेल प्राप्त किए हैं.
3000 हज़ार पन्नों के ये ईमेल बताते हैं कि कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में अमेरिका में हालात कैसे थे और उन्होंने उस समय प्रशासन, मीडिया, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, नामचीन लोगों और सामान्य अमेरिकी लोगों को कैसे डील किया.
मास्क लगाने पर सवाल
महामारी की शुरुआत में मास्क लगाने को लेकर कई तरह के मत थे. अमेरिका की सरकार तब तक मास्क के बारे में ज़रूरी दिशा-निर्देश तैयार नहीं कर पाई थी और लोगों में इसे लेकर काफ़ी भ्रम था.
फ़रवरी 2020 में अमेरिका के एक पूर्व स्वास्थ्य मंत्री से ईमेल पर हुई बातचीत में डॉक्टर फ़ाउची ने लिखा: “मास्क कायदे में तो उन लोगों के लिए हैं, जो संक्रमित हैं और जो दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं. उनके लिए नहीं जिन्हें संक्रमण से बचना है.”
उन्होंने यह भी लिखा कि बाज़ार में सामान्य तौर पर मिलने वाले मास्क प्रभावशाली नहीं हैं, वो वायरस को नहीं रोक सकते क्योंकि वायरस का आकार बहुत छोटा है, वो बाज़ार में मिलने वाले मास्क के पार जा सकता है.
उसी महीने में, चीनी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े उनके एक दोस्त ने लिखा कि उनके बयान को ग़लत ढंग से लिया गया कि पश्चिमी देश मास्क पहनने की सलाह ना देकर ग़लत कर रहे हैं.
इसके जवाब में डॉक्टर फ़ाउची ने कहा, “मैं समझता हूँ. कोई बात नहीं. हम इस परेशानी का मिलकर सामना करेंगे.”
कई तरह के अन्‍य सवाल
ईमेल बताते हैं कि डॉक्टर फ़ाउची को शुरुआती दिनों में हॉलीवुड (अभिनेताओं) और सिलिकन वैली (तकनीक के क्षेत्र से जुड़े लोगों) के अलावा बहुत से आम अमेरिकियों से भी तरह-तरह के सवाल आ रहे थे.
फ़ेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने डॉक्टर फ़ाउची को न्योता दिया था कि वे उनके सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों के सवालों का जवाब दे सकते हैं.
अभिनेत्री मॉर्गन फ़ेयरचाइल्ड जिन्होंने 1980 के दशक में भी एक कैंपेन के लिए डॉक्टर फ़ाउची के साथ काम किया था, उन्होंने फ़रवरी 2020 में उनसे पूछा कि क्या वे कुछ मदद कर सकती हैं.
इस पर डॉक्टर फ़ाउची ने कहा कि आप ट्वीट करिए जिसमें लिखें, “अमेरिकी लोग बिल्कुल भी घबराएँ नहीं लेकिन वे इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार रहें. सभी ज़रूरी सावधानियाँ बरतें. सामाजिक दूरी, घरों से काम करने और स्कूलों को कुछ दिन के लिए बंद करने आदि पर गंभीरता से विचार करें.”
-BBC

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