क्‍या आप जानते हैं, नहाने का भी होता है एक तरीका

एक वक्त था जब हम घड़ी देखा करते थे कितने बजे हैं? एक आज का वक्त है कि घड़ी हमें दिखाती है कि इतना वक्त हो गया और तुम्हारा इतना ज्यादा काम बाकी है। हर समय हमारे दिमाग पर काम का प्रेशर रहता है, कभी ऑफिस का काम तो कभी घर का काम।
दिमाग पर हर समय काम का दबाव रहता है तो शारीरिक और मानसिक थकान होना तय है। इस स्थिति में हम कुछ ऐसा चाहते हैं जो हमें तुरंत राहत दे सके। हमारे शरीर में फिर से एनर्जी भर सके कि हम बाकी बचे काम को गोली की स्पीड से पूरा कर लें। अब सवाल यह उठता है कि ऐसा क्या किया जा सकता है जो तुरंत राहत दे।
आपको सही तरीके से नहाना है
जानकर आप हैरान हो सकते हैं कि थकान और बॉडी पेन दूर करने के लिए हम आपको नहाने की सलाह दे रहे हैं लेकिन आपको वैसे नहीं नहाना है, जैसे आप अब तक नाहते रहे हैं। आपको अपने नहाने के पानी में कुछ हर्ब्स मिलानी हैं। ये आपकी बॉडी में बढ़े तनाव, जलन और थकान को कम कर आपको तुरंत राहत देंगी। इस तरह नहाने का तरीका हर्ब बाथ के नाम से जाना जाता है।
इस विधि से नहाएंगे तो स्ट्रेस फ्री रहेंगे
-क्या आपको पता है कि शरीर के तापमान को ध्यान में रखते हुए हमारे पूर्वजों ने नहाने का भी नियम बनाया था…लेकिन आज ज्यादातर लोग इन नियम को भूल चुके हैं या उन्हें कभी सिखाया ही नहीं गया है। चलिए यहां जानते हैं नहाने की आयुर्वेदिक विधि…
-नहाते समय सबसे पहले आपको अपने हाथों को पानी से धोना चाहिए और फिर पूरी बाजुओं पर पानी डालना चाहिए।
-बाजुओं के बाद आपको अपना मुंह धोना चाहिए।
-मुंह के बाद नंबर आता है पैरों का। आप अपने दोनों पैरों को थाई (जंघा) तक धुलें। इसके बाद अब सिर पर पानी डालकर नहा सकते हैं।
यह है कारण
-आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि क्या फर्क पड़ता है अगर इस तरह ना नहाया जाए। या फिर इस बात से क्या मतलब कि हम नहाते समय शरीर के किस अंग पर पहले पानी डालते हैं। तो इन सवालों का जबाव यह है कि अगर नहाने के दौरान इस रिद्म को फॉलो किया जाए तो शरीर का तापमान धीरे-धीरे कम होता है।
-यदि तुरंत सिर पर पानी डाल लिया जाता है तो शरीर का तापमान झटके से कम होता है, जो कि हमारे शरीर और हार्ट की सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। आमतौर पर सर्दी गर्मी की समस्या भी हमें इसी कारण घेर लेती है क्योंकि हम शरीर के तापमान को ध्यान में रखते हुए काम नहीं करते हैं। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे तो हमें हार्ट डिजीज या पैरालिसिस जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
कैसे करना चाहिए हर्ब बाथ?
– हर्ब बाथ करने के लिए आप कोई भी हर्ब चुन सकते हैं। जैसे, लैवंडर, पिपरमिंट, रोजमैरी और अजवाइन। अगर आपके पास ये लिक्विड फॉर्म में हैं तो आप इन्हें 25 से 30 मिलीलीटर लें। वहीं अगर ये हर्ब्स आपके पास ड्राई फॉर्म में हैं तो आप बाथ टब के लिए 5 से 6 स्पून और बकेट के लिए 3 से 4 स्पून ले सकते हैं।
– अगर आपके पास सूखी हर्ब हैं तो अब आप एक लीटर पानी लेकर उसमें ये हर्ब डाल दीजिए। इस पानी को उबाल लीजिए और फिर 20 मिनट के लिए सोक करने के लिए छोड़ दीजिए।
-अब इस पानी को छलनी में छानकर अपने नहाने के पानी या बाथ टब में भरे पानी में मिला लीजिए। इस बात का ध्यान रखिए कि जब भी आप बहुत थके हुए हों और मौसम ठंडा हो या रात का समय हो तो नहाने का पानी हल्का गुनगुना होना चाहिए। क्योंकि यह बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और नर्ब्स को रिलैक्स करने का काम करता है।
दूसरा तरीका
– आप एक लीटर पानी लीजिए और इसे उबाल लीजिए। इस उबले हुए पानी में लैवंडर या लेमन असेंशियल ऑइल मिक्स कर लीजिए। साथ ही 5 स्पून रोज वॉटर यानी गुलाबजल मिक्स कर लीजिए। तैयार लिक्विड को नहाने के पानी में मिक्स कर लीजिए। बेहतर होगा कि आप बाथ टब में इस पानी को मिक्स कर उसमें 20 मिनट के लिए सोक करें। इससे आपकी मसल्स रिलैक्स होंगी और सारी थकान दूर हो जाएगी।
-एजेंसियां

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