Breast में होने वाली इन तकलीफों को नजरंदाज न करें

Breast में होने वाले हल्के फुल्के दर्द को महिलाएं सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती है और फिर वही तकलीफ आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है।
ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कुछ लक्षणों के बारे में जिनकी आपको अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
इन वजहों से हो सकता है Breast में पेन
ऐसा जरूरी नहीं कि हर किसी के साथ ऐसा हो लेकिन पीरियड्स के दौरान महिलाओं के एक या दोनों Breast में दर्द होना एक सामान्य सी बात है। Breast में दर्द, चुभन या असहजता अक्सर कम उम्र की महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। शुरुआत में थोड़ी तकलीफ से शुरू होकर तेज सुई के चुभने जैसा दर्द तक हो सकता है। किसी को सिर्फ पीरियड्स के आसपास ऐसा दर्द होता है तो किसी को पूरे महीने यह परेशानी रह सकती है।
Breast में होने वाले इस तरह के दर्द और टेंडरनेस के बहुत से कारण हो सकते हैं-
– सबसे सामान्य कारण है पीरियड्स के दौरान शरीर में होने वाला हॉर्मोनल बदलाव
– पीरियड्स के दौरान ये हॉर्मोन हर महीने ऊपर नीचे होते हैं जिससे ब्रेस्ट में पानी की रुकावट (वॉटर रिटेंशन) होता है और तनाव के कारण दर्द बना रहता है। मासिक धर्म का चक्र पूरा हो जाने के बाद यह रुका हुआ पानी निकल जाता है और दर्द खत्म हो जाता है।
– ब्रेस्ट अगर किसी तरह की चोट लग गई हो
– प्रेग्नेंसी में अक्सर ब्रेस्ट में दर्द होता है खासकर शुरुआती 3 महीनों में
– अगर आप न्यू मॉम हैं और बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाती हैं तो इस दौरान भी आपको ब्रेस्ट में दर्द महसूस हो सकता है।
– अगर ब्रेस्ट में किसी तरह का इंफेक्शन हो जाए तो इस वजह से भी ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है।
– जब मेनॉपॉज आने वाला होता है उस दौरान भी ब्रेस्ट में कई तरह से बदलाव होते हैं और दर्द भी हो सकता है
मानसिक तनाव की वजह से भी हो सकता है दर्द
किन वजहों से ब्रेस्ट में दर्द होता है इस बारे में तो हमने आपको बता दिया लेकिन अगर ब्रेस्ट में होने वाला दर्द पूरे महीने एक-सा बना रहे, तो इसका कारण हॉर्मोन में अनियमितता होती है। यह कोई बीमारी नहीं है। कई बार मानसिक तनाव भी इस तरह के दर्द का कारण हो सकता है लेकिन दर्द के साथ-साथ अगर ब्रेस्ट में सूजन, चमड़ी पर लाली या कोई गांठ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिये और दर्द के कारण का पता लगाना चाहिए। ब्रेस्ट में होने वाले हर तरह के दर्द का इलाज संभव है। जरूरत होती है समय पर इलाज करवाने की।
समय रहते इलाज से होगा हर समस्या का समाधान
कई बार ब्रेस्ट में गांठ हो जाती है, जो दर्द का कारण हो सकती है।
ज्यादातर दर्द वाली गांठ ‘बिनाइन’ अर्थात बिना कैंसर वाली होती है। इनका अगर समय पर इलाज हो तो आगे चलकर कैंसर होने का डर नहीं रहता। कैंसर की गांठों में दर्द ज्यादातर आखिरी स्टेज में होता है। कुछ कैंसर ऐसे होते हैं, जिनमें शुरू से दर्द हो सकता है। कहने का मतलब ये है कि ब्रेस्ट की किसी भी तरह की परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते इलाज करने से हर समस्या का समाधान हो सकता है।
ब्रेस्ट पेन को डायग्नोज कैसे करते हैं?
अगर आपकी उम्र 30 साल से कम है और आपके ब्रेस्ट में किसी तरह की गांठ नहीं है और फिर भी दर्द हो रहा हो तो सकता है कि डॉक्टर किसी तरह का कोई टेस्ट ना करें लेकिन अगर आप 30 साल से अधिक उम्र की हैं लेकिन ब्रेस्ट में गांठ नहीं है तब डॉक्टर आपके दर्द के बारे में जानने और उसके कारण को डायग्नोज करने के लिए 3 तरह का टेस्ट करवा सकते हैं।
मैमोग्राम: ये एक खास तरह का एक्स-रे होता है जो सिर्फ ब्रेस्ट के लिए होता है
ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड: ये भी के पेनलेस टेस्ट है जिसमें ब्रेस्ट में मौजूद गांठ की साउंड वेव के जरिए तस्वीर ली जाती है
बायॉप्सी: इस टेस्ट में एक छोटी सी सर्जरी के जरिए ब्रेस्ट के कुछ टीशू लिए जाते हैं और फिर उनकी जांच की जाती है।
-एजेंसियां

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