DM Mathura, एसओ गोवर्धन का एनजीटी में जवाब दाख‍िल

नई द‍िल्ली । गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान के मामले में DM Mathura और एस ओ गोवर्धन से पिछली तारीख पर जवाब तलब कर एन जी टी को यह अवगत कराने को कहा गया था कि पिछले माह की 26 व 27 तारीख में न्यायालय के खिलाफ अफवाह फैला कर कैसे गोवर्धन में बंद व भीड़ को उत्तेजित कर याचिकाकर्ता व उसके साथियों पर हमला कराने की साजिश की गई ।

इस पर न्यायालय को अवगत कराते हुए अपने जवाब में DM Mathura ने कहा कि जब वो खुद कोर्ट कमिश्नर के साथ 15 जुलाई को गिरिराज पर्वत की परिक्रमा करने गए तब वहां उन्होंने देखा कि ई रिक्शा काफी तेज व गलत तरीके से चल रहे थे, जिन पर कार्यवाही करने को संबंधित अधिकारियों को कहा गया था, परिक्रमा मार्ग पर स्थित कुछ गेस्ट हाउस स्वामियों के यहां यात्रियों के ना पहुंच पाने से व कुछ शरारती तत्वों द्वारा मिल कर गोवर्धन में न्यायालय व प्रशासन के खिलाफ ई रिक्शा वालों व कुछ स्थानीय नागरिकों को भड़काया गया जिससे गोवर्धन में बंद की स्थिति हुई। बंद पूर्णरूप से शांतिप्रिय था किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई तथा पूरा आंदोलन राजनीति से प्रेरित था जिसमें कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता निभाई ।

जिला अधिकारी मथुरा ने साफ कर दिया कि प्रशासन द्वारा ना तो भंडारों को बंद करवाया गया ना ही ई रिक्शा को बंद कराया गया, उन्होंने अपने जवाब में कहा कि 5 लोगों के खिलाफ 107/116 की कार्यवाही की गई जो खंडेलवाल पेट्रोल पंप को बंद कराने की कोशिश कर रहे थे । जिला अधिकारी मथुरा ने अपने जवाब में साफ कर दिया कि अखबारों में स्कूलों के बंद होने की खबर गलत थी व सभी स्कूल खुले हुए थे। जिला प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया कि 26 व 27 तारीख की घटना में प्रशासन ने शरारती तत्वों को किसी भी प्रकार से समर्थन नहीं दिया ।

वहीं गोवर्धन के एस ओ द्वारा भी न्यायालय में जवाब दाखिल कर यही सब कहा गया और याचिकाकर्ता आनंद गोपल दास के खिलाफ वीडियो जारी कर धमकी देने वाले के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही। एस ओ गोवर्धन ने अपने जवाब में जो न्यायालय में दाखिल किया गया उसमें साफ कर दिया कि खंडेलवाल पेट्रोल पंप पर हुई घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी ।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने हरिओम शर्मा, गौतम खंडेलवाल, भुवन रवीन्द्रन के साथ परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया जिसमें उन्होंने बताया कि अभी भी 16 बिंदुओं पर सही तरीके से कार्य नहीं हो रहा है, अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने साफ कर दिया कि अगर रिंग रोड, व सर्विस रोड का कार्य जल्दी ही पूरा हो जाए तो स्थानीय लोगों व यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा ।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने जब छटीकरा – राधाकुंड मार्ग पर पार्किंग की व्यवस्था को जा कर देखा तो वहां अवैध पार्किंग संचालित हो रही थी जिसमें लोगों से 200, 500 रुपए की मांग की जा रही थी, वहीं मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित पार्किंग नम्बर 5 व 6 में भी अव्यवस्था का अम्बार नजर आया तथा वहाँ मौजूद यात्रियों ने भी पार्किंग संचालक पर आरोप लगाते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को न्यायालय को अवगत कराने की प्रार्थना की, इसके बाद सार्थक चतुर्वेदी व उनके साथी अधिवक्ताओं द्वारा राधा कुंड का निरीक्षक किया गया। जहाँ हर माह किसी ना किसी के डूबने से मृत्यु हो जाती है, वहाँ के स्थानीय नागरिकों द्वारा राधा कुंड में उचित व्यवस्थाओं की मांग रखी गई जिसको कि‍ याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष रखने का आश्वासन दिया ।

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