स्पीड पोस्ट से तीन बार तलाक लिखकर भेजा तलाक, पीड़ित महिला ने मांगी मदद

Divorce sent three times from Speed Post, Victim woman sought help
स्पीड पोस्ट से तीन बार तलाक लिखकर भेजा तलाक, पीड़ित महिला ने मांगी मदद

कानपुर। यहां की एक मुस्लिम महिला को उसके पति ने स्पीड पोस्ट से भेजे गए लेटर में तीन बार तलाक लिखकर छोड़ दिया। महिला ने नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी है।
विक्टिम के मुताबिक उसकी शादी चार महीने पहले ही हुई थी। पति असिस्टेंट लेबर कमिश्नर हैं। पति पहले भी एक शादी कर चुके हैं।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक आलिया सिद्दीकी ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया जिसमें लिखा, “सर, मेरे हसबैंड एक गवर्नमेंट इम्प्लॉई हैं। उन्होंने दो शादियां कर रखी हैं, कृपया मदद करें।”
“नासिर खान मेरे पति का नाम है। वो इस समय बिजनौर में सहायक श्रम आयुक्त हैं।”
“मेरे पति ने स्पीड पोस्ट के जरिए एक लेटर में 3 तलाक लिखकर भेजा है। आप मिलने का समय दें…गिव मी जस्टिस।”
4 महीने पहले हुई थी शादी
आलिया का दावा है कि नासिर के साथ उनकी शादी 23 नवंबर 2016 को हुई थी।
उनका कहना है कि उनके पति ने उन्हें 27 जनवरी को स्पीड पोस्ट से तीन तलाक भेजे हैं।
जयपुर में भी स्पीड पोस्ट से भेजा था तलाकनामा
बता दें कि पिछले साल जयपुर में भी स्पीड पोस्ट से भेजे गए लेटर के जरिए तीन तलाक देने का एक मामला सामने आया था।
इसके बाद 25 साल की आफरीन रहमान ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई थी।
अफरीन का दावा था कि 2014 में उसकी शादी मेट्रिमोनियल पोर्टल के जरिए हुई थी।
शादी के 2-3 महीने बाद उसके ससुरवालों ने उसे दहेज के लिए तंग करना शुरू कर दिया।
सितंबर 2016 में उसे जबर्दस्ती मायके भेज दिया गया। बाद में उसके पति ने स्पीड पोस्ट के जरिए तलाकनामा भेज दिया।
हैदराबाद में WhatsApp से तीन तलाक देने की शिकायत
बता दें कि हाल ही में अमेरिका में रहने वाले एनआरआई अब्दुल अकील ने हैदराबाद में रह रही अपनी पत्नी को वॉट्सऐप पर तलाक दे दिया।
उसने बाकायदा तीन तलाक की डीपी व्हॉट्सऐप पर लगा दी थी।
लड़की का कहना था कि जब उसने ससुराल वालों को बताई तो उसके सास-ससुर ने उसे उसकी जेठानी के साथ मेड की तरह रखा। बाद में यह कहकर मेरे मायके भेज दिया कि मुझे उनके घर में रहने का कोई हक नहीं है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया था। पति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।
तलाक खत्म करने के लिए 10 लाख मुस्लिमों ने दस्तखत किए
हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) ने तीन तलाक के खिलाफ एक अभियान चलाया है। दावा है कि इस प्रैक्टिस को खत्म करने के लिए करीब 10 लाख मुस्लिमों ने पिटीशन पर दस्तखत किए हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं।
कई मुस्लिम महिलाएं कर चुकीं तलाक को खत्म करने की मांग
बता दें कि कई महिलाएं सुप्रीम कोर्ट में भी पिटीशन लगाकर तीन तलाक को खत्म करने की मांग कर चुकी हैं। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
केंद्र सरकार भी सुप्रीम कोर्ट से कह चुकी है कि यह कॉन्स्टिट्यूशन में औरत और आदमी को मिले बराबरी के हक के खिलाफ है।
हालांकि, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस प्रैक्टिस का बचाव किया है। उसका कहना है कि किसी महिला की हत्या हो, इससे बेहतर है कि उसे तलाक दिया जाए।
AIMPLB का कहना है, “धर्म में मिले हकों पर कानून की अदालत में सवाल नहीं उठाए जा सकते।”
मोदी ने किया था तीन तलाक का विरोध
पिछले साल नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि वो तीन तलाक के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा था, “मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी को तीन तलाक से खत्म करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”
उन्होंने अपोजिशन पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया था।
-एजेंसी

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