24वें दिल्ली पुस्तक मेले में Digital books का बाजार गर्म

नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय राजधानी के प्रगति मैदान में 25 अगस्‍त से शुरू हुए दिल्ली पुस्तक मेला अपनी प्रगति पर है, इसमें Digital books यानि ई-बुक रीडर की मौजूदगी इस बार का नया आकर्षण है। कल रविवार को रक्षाबंधन के बावजूद काफी संख्या में लोग पहुंचे। डिजिटल पुस्तकें पढ़ने वालों के लिए मेला किफायती साबित हो सकता है। यहां काफी संख्या में पुस्तक प्रेमी जुट रहे हैं। एक नामी कंपनी ई-बुक रीडर को बेच रही है।

24वें दिल्ली पुस्तक मेले में Digital books का बाजार गर्म, पुस्तक मेला 2 सितंबर तक चलेगा, मेले में पाठकों का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।

ITPO (India Trade Promotion Organisation) के मुताबिक, दिल्ली पुस्तक मेले में देशभर के 120 प्रदर्शक अपनी पुस्तकें लेकर पहुंचे हैं। इस बार मेले की खास बात यह है कि डिजीटल किताबों के जरिये पाठकों को नई-नई तकनीकों के बारे में जानकारी मिलेगी। प्रगति मैदान के हॉल नंबर 7 में लगने वाले मेले के लिए पाठकों को गेट नंबर एक, 8 और 10 से प्रवेश मिलेगा।

पुस्तक मेले में पहली बार दिल्ली यूनिवर्सिटी और आईपी यूनिवर्सिटी के छात्र रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम , पुस्तक विमोचन, पुस्तक चर्चा, लेखकों से मुलाकात और बच्चों के लिए साहित्यिक गतिविधियां के साथ ही बाल पाठकों के लिए कला प्रतियोगिता और स्केचिंग प्रतियोगिता भी इसका प्रमुख आकर्षण हैं।

स्टॉल पर ई-बुक रीडर की बिक्री कर रहे संदीप राणा बताते है कि इस ई-बुक रीडर में 50 लाख पुस्तकें अपलोड की गई है। इसमें 50 हजार पुस्तकें पूरी तरह से निशुल्क पढ़ने की सुविधा है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तकें 16 विदेशी भाषाओं में है। वहीं, ई-बुक रीडर में हिंदी, मराठी, गुजराती, तमिल व अन्य भाषाओं में साहित्य व अन्य विषयों से जुड़ी दूसरी पुस्तकें भी पढ़ने को मिल जाएंगी। इस बुक रीडर की शुरुआती कीमत करीब 5000 रुपये है। जो अलग-अलग आकार वाले डिस्प्ले में मिलेगी।

साथ ही, निशुल्क पुस्तकें पढ़ने के लिए नेट की आवश्यकता नहीं होगी। यह ई-बुक रीडर काफी छोटा है, जिसे आसानी से हाथ में लेकर या जेब में रखकर कहीं पर भी घूमा जा सकता है।

धार्मिक पुस्तकों की भी मांग
धार्मिक प्रकाशकों के स्टॉल पर भी लोग पहुंच रहे हैं। कल की ही बात करें तो रक्षाबंधन होने के कारण किताबों के शौकीनों की भीड़ प्रगति मैदान के हॉल नंबर-7 में आयोजित मेले में दोपहर बाद से बढ़ती चली गई। इस दौरान बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी पसंदीदा पुस्तकें स्टॉल पर खरीदते नजर आए।
-एजेंसी

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