दिग्‍गी को कश्‍मीरी छात्रों की चिंता, रमजान में घर भिजवाने के लिए शाह जी को लिखा पत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। लॉकडाउन में फंसे कश्मीरी छात्रों को रमजान में जम्मू-कश्मीर भेजने की व्यवस्था की जाए। लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरी छात्र फंसे हुए हैं। सैकड़ों छात्र मध्यप्रदेश में भी फंसे हुए हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मैंने गृहमंत्री अमित शाह जी को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में फंसे जम्मू एंड कश्मीर के लगभग 400 कश्मीरी छात्र-छात्राओं को रमजान के पवित्र माह में उनके घर भेजने का प्रबंध करने का अनुरोध किया है।
मध्यप्रदेश में फंसे हैं 400 कश्मीरी छात्र
अमित शाह को लिखी चिट्ठी में दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि प्रिय अमित शाह जी, भोपाल में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को वापस उनके राज्य भिजवाने हेतु मेरे द्वारा आपको प्रेषित किया पत्र दिनांक 19.04. 2020 आपको मिल गया होगा। मैंने इस पत्र के साथ आपको 135 छात्रों की सूची प्रेषित की थी। इनके अलावा भी जम्मू-कश्मीर के भोपाल में 32, इंदौर में 54, ग्वालियर में 17 छात्रों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश में करीब 400 कश्मीरी छात्र फंसे हुए हैं।
केंद्र का है दायित्व
दिग्विजय ने लिखा कि चूंकि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है और लॉकडाउन के कारण वहां के अन्य राज्यों में फंसे लोगों की परेशानियों को दूर करना और उन्हें विश्वास में लेना केंद्र सरकार का दायित्व है। इन छात्रों में अनेक छात्र मुस्लिम समाज के हैं और उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे रमजान के पवित्र माह में अपने माता-पिता और परिवार के साथ रहना चाहते हैं।
मेरा आपसे अनुरोध है कि जिस प्रकार काशी से दक्षिण भारत के 1000 तीर्थयात्रियों को और राजस्थान के कोटा से उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के हजारों छात्रों को उनके राज्यों तक भेजने की अनुमति और प्रबंध किए गए हैं। उसी प्रकार मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रा-छात्राओं को भी उनके राज्य में वापस भेजने की व्यवस्था करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मजदूरों के लिए भी लिखी थी चिट्ठी
दरअसल, पिछले दिनों दिग्विजय सिंह ने प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी। उस चिट्ठी में उन्होंने पूरे देश में फंसे प्रवासी मजदूरों का जिक्र किया था। सरकार से मांग की थी कि उनकी घर वापसी की व्यवस्था की जाए। साथ ही जहां वह रुके हैं, उनके रहने-खाने की भी व्यवस्था करवाई जाए। दिग्विजय ने कहा था कि उन मजदूरों को गांव लाकर बाहर ही क्वारंटीन की व्यवस्था की जाए।
-एजेंसियां

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