Dhoni ने स्‍पष्‍ट किया, वेस्ट इंडीज दौरे के लिए उपलब्ध नहीं

नई दिल्‍ली। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह Dhoni ने शनिवार को साफ कर दिया कि वह भारतीय टीम के वेस्ट इंडीज दौरे के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। इसके बाद इस विकेटकीपर बल्लेबाज के भविष्य को लेकर एक बार फिर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
Dhoni टैरिटोरियल आर्मी की पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, और ऐसी खबरें हैं कि अगले दो महीने में से काफी वक्त वह इस रेजिमेंट के साथ गुजारेंगे।
बीसीसीआई के एक आला अधिकारी ने मामले के बारे में अधिक जानकारी दी। अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘Dhoni ने स्वयं को वेस्ट इंडीज दौरे के लिए अनुपलब्ध बताया है चूंकि वह अगले दो महीने पैरामिलिट्री रेजिमेंट के साथ समय बिताएंगे।’
38 वर्षीय धोनी ने बीसीसीआई को अपने इस फैसले के बारे में बता दिया है। रविवार को एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति मुंबई में बैठक करेगी जिसमें वेस्ट इंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम का चयन होगा।
धोनी के इस टूर से हटने के बाद माना जा रहा है कि तीनों फॉर्मेट में ऋषभ पंत बतौर विकेटकीपर पहली पसंद होंगे। वहीं ऋद्धिमान साहा विकेटकीपर के रूप में दूसरी पसंद हो सकते हैं।
धोनी ने कैसे किया था सीनियर्स को बाहर
ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज से पहले धोनी ने एक बोल्ड फैसला लेते हुए चयनकर्ताओं को वनडे फॉर्मेट से सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ को ड्रॉप करने को कहा था। धोनी का तर्क था कि ये खिलाड़ी अच्छे फील्डर नहीं हैं।
भारतीय टीम ने वह टूर्नमेंट जीता और गौतम गंभीर व सुरेश रैना जैसे खिलाड़ियों के साथ विश्व कप 2011 की नींव रखी गई।
2012- रोटेशन पॉलिसी नहीं चली
2012 में सीबी सीरीज में धोनी ने श्री लंका के खिलाफ आखिरी लीग मैच तक सचिन तेंडुलकर, वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर में से सिर्फ दो खिलाड़ियों को ही मौका दिया। इसके पीछे भी उनके ‘धीमे फील्डर’ होने का तर्क दिया गया। इस खबर के बाद टीम में कलह की बातें सामने आने लगीं। यह दांव उल्टा पड़ा क्योंकि टीम इंडिया फाइनल के लिए क्वॉलिफाई नहीं कर सकी।
-एजेंसियां

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