उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश से तबाही, लगभग 2 लाख लोग प्रभावित

एक और जहां देश के कई हिस्से गर्मी की मार झेल रहे हैं, वहीं उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश ने तबाही मचाकर रखी है। बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। लगभग 1.5 लाख लोग असम में जबकि 40,000 लोग त्रिपुरा में बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं। असम में लमडिंग-बादरपुर हिल सेक्शन में भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से 4 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। हालांकि, कोई पैसेंजर ट्रेन प्रभावित नहीं रही है और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
त्रिपुरा में बाढ़ के गंभीर हालात बनते देख मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने केंद्र से मदद मांगी है। देब ने केंद्रीय गृहमंत्री राज्यनाथ सिंह से बाढ़ के बारे में बात करते हुए केंद्र से सेना की मदद मांगी है। उन्होंने राज्य में एनडीआरएफ की टीमें भेजने की भी गुजारिश की है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उत्तर-पूर्व के कई इलाके बाढ़ग्रस्त हो गए हैं।
बाढ़ से हजारों बेघर
मौसम विभाग ने त्रिपुरा और दक्षिण असम में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी थी जिसके बाद अलर्ट जारी किया गया था। असम के गोलाघाट, कारबी अंगलोंग ईस्ट, कारबी अंगलोंग वेस्ट, बिस्वनाथ, करीगंज और हैलाकांडी इस महीने की शुरुआत से ही बाढ़ग्रस्त रहे हैं। राज्य में 3,941 बच्चों समेत 10,000 लोगों ने 71 राहत शिविरों में शरण ली।
असम में बाढ़ से तबाही
असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी अधिकारियों ने बताया है कि 1,127.72 हेक्टेयर खेती की जमीन पानी में डूब गई। कटखल नदी बुधवार को हैलाकांडी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। करीमगंज से 124 लोगों को बचाया गया।
मणिपुर में राज्य सरकार ने बुधवार को सभी अधिकारियों और अकैडमिक इंस्टिट्यूशन्स में छुट्टी घोषित कर दी। दरअसल, इससे पहले इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट में तीन दिन से बाढ़ ने काफी तबाही मचाई थी।
-एजेंसी

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