गोल्ड की कीमतें बढ़ने के बावजूद लोगों की बेचने में दिलचस्‍पी नहीं

नई दिल्‍ली। गोल्ड की कीमतें बढ़ने के बावजूद लोग इसे बेचने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उनका अनुमान है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से आने वाले हफ्तों में इसमें और उछाल आएगा। मुंबई के झावेरी बाजार के पुराना गोल्ड खरीदने वालों और बुलियन डीलर्स का कहना है कि अधिक दाम का फायदा पाने के लिए लोगों की ओर से बिक्री का दौर शुरू होने में अभी वक्त है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि देश में करीब 22,000 टन सोना लोगों के पास पड़ा है।
सोना बेचने की जल्दी में नहीं ग्राहक
बुलियंस कारोबारियों के अनुसार ‘लोग अभी गोल्ड बेचने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं बल्कि निवेशक इन्हें मौजूदा प्राइस लेवल पर खरीद रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि गोल्ड के दाम अभी चढ़ते रहेंगे।’
सोने का दाम जब एक बार 38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा था, तब उस समय इसे बेचने के लिए लंबी कतारें लग रही थीं। हालांकि इस बार कीमतों के ऊपर चढ़ने के बावजूद ऐसा नहीं हो रहा है।’
कोरोना ने बढ़ा दी थी कीमत
COMEX पर स्पॉट इंटरनेशनल गोल्ड प्राइसेज सोमवार को और चढ़कर 1,689 डॉलर पहुंच गईं। वैश्विक स्तर पर मजबूती के कारण MCX पर इसकी फ्यूचर प्राइसेज हफ्ते की शुरुआत में गैप अप (पिछले ट्रेड के हाई से ऊंचे स्तर पर स्टॉक का खुलना) पर ट्रेड हो रही थीं। खतरनाक कोरोना वायरस के चीन से बढ़कर दक्षिण कोरिया, मध्य पूर्व और इटली जैसे देशों तक फैलने के कारण गोल्ड के दाम में उछाल आई है। दिल्ली बाजार में यह करीब 954 रुपये की गिरावट के साथ 43,549 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
गोल्ड अहम सपॉर्ट लेवल पर
गोल्ड की कीमतें मंगलवार को करेक्शन के साथ 1,640 डॉलर पर आ गईं। HDFC सिक्यॉरिटीज के रिसर्च ऐनालिस्ट तपन पटेल ने बताया, ‘करेक्शन होने से गोल्ड प्राइसेज घटकर पिछले रेजिस्टेंस लेवल 1,611 डॉलर पर आ सकती हैं। यह अब अहम सपॉर्ट लेवल बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों पर कोरोना वायरस का कहर बना रहेगा। इसके चलते सोने के दाम में ऊंचा रिस्क प्रीमियम बना रहेगा।’ वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी को लेकर बनी चिंता को देखते हुए पटेल गोल्ड के लिए लॉन्ग-टर्म में बुलिश हैं। उन्होंने इसका टारगेट 1,800 डॉलर दिया है। यूएस फेडरल और अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों के नरम रुख अपनाने से गोल्ड प्राइसेज चढ़ती रहेंगी।
2% गिरे दाम तो बिक्री करने लगेगे लोग
इंडियन बुलियन ऐंड जूलरी एसोसिएशन के नेशनल सेक्रटरी सुरेंद्र मेहता ने बताया कि कीमतों में अगर मौजूदा स्तर से कम से कम दो पर्सेंट की गिरावट आती है तो लोग गोल्ड की बिक्री शुरू कर देंगे। हालांकि, उनका मानना है कि मार्केट में कुछ समय के लिए करेक्शन होगा और सोने का दाम एक महीने के अंदर घटकर 1,560 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ जाएगा। मेहता ने बताया, ‘यह उछाल केवल कोरोना वायरस के डर के कारण बनी है। इस समय सेंट्रल बैंकों की ओर से कोई बड़ी खरीदारी नहीं हो रही है। किसी तरह का ट्रेड या जियो-पॉलिटिकल संकट भी नहीं है। केवल ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में खरीदारी हो रही है। मुझे लगता है कि बाजार में सट्टेबाज सक्रिय हैं।’
-एजेंसियां

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