देवबंद ने गणतंत्र दिवस पर अपने छात्रों के घूमने-फिरने पर रोक लगाई

सहारनपुर। प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद ने गणतंत्र दिवस पर अपने छात्रों के घूमने-फिरने पर रोक लगाई है। सहारनपुर स्थित इस इस्लामिक संस्थान ने सर्कुलर जारी करके सभी छात्रों को सलाह दी है कि अगर वे बाहर गए तो उनका उत्पीड़न हो सकता है इसलिए वे संस्थान परिसर में ही रहें। उन्हें ट्रेन में सफर करने से भी मना किया गया है।
यूनिवर्सिटी के हॉस्टल विभाग के हेड ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर छुट्टी होती है इसलिए सामान्यता हॉस्टल के छात्र बाहर घूमने निकल जाते हैं। ऐसे में किसी भी विवादित परिस्थिति से बचने के लिए छात्रों को अडवाइजरी जारी की गई है। उनकी ओर से जारी किए गए इस सर्कुलर में लिखा है, ‘अगर कोई इमरजेंसी हो तो ही परिसर के बाहर निकलें और ऐसे में बाहर जाना पड़े तो जो परिस्थितियां हैं उन्हें देखते हुए किसी भी विवाद में न पड़ें न ही किसी से बहस करें।’
पहले हो चुके हैं विवाद
23 नवंबर 2017 को ट्रेन में सफर कर रहे कुछ अल्पसंख्यक छात्रों को बागपत के पास प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगा था। इसी तरह 1 मई 2015 को पांच मुस्लिम युवकों को दिल्ली-सहारनपुर ट्रेन में सफर के दौरान प्रताड़ित किया गया था। इस घटना के अगले दिन कांधला इलाके में हिंसा हो गई थी। इस हिंसा में एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी और सोलह पुलिसवाले घायल हो गए थे।
परिस्थितियां खराब होने का दावा
एक एनजीओ की निदेशक रिहाना अदीब ने कहा कि वास्तव में वेस्टर्न यूपी के बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में परिस्थितियां बहुत खराब हैं। हर दूसरे दिन मुस्लिमों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्हें ट्रेनों और बसों में परेशान किया जा रहा है। पुलिस इन घटनाओं को गंभीरता से नहीं लेती। हो सकता है इन्हीं घटनाओं को देखते हुए दारुल उलूम ने यह अडवाइजरी जारी की हो। हालांकि दारुल उलूम के डिवेलपमेंट विभाग के एचओडी अशरफ उस्मानी ने इसे एक सामान्य सर्कुलर बताया है।
‘जगह-जगह चेकिंग के चलते परेशानी’
इस्लामिक संस्थान की ओर से कहा गया है कि ट्रेनों के अंदर सफर न करें मजबूरी में सफर करना पड़े तो कुछ भी गलत लगने पर तुरंत संस्थान वापस आएं। उन्होंने कहा कि गणंत्र दिवस पर जगह-जगह चेकिंग होती है। छात्रों को भी इसका सामना करना पड़ता है। कोई भी छात्र किसी तरह की घटना का शिकार न हो इसलिए उन्हें हिदायत दी गई है।
-एजेंसियां

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