देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के विलय का फैसला

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार बैंकों की विलय प्रक्रिया की दिशा में एक और कदम बढ़ाने जा रही है। इस बार सरकार ने देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के विलय का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों बैंकों के विलय के बाद जो नया बैंक अस्तित्व में आएगा, वह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा।
राजीव कुमार ने तीनों बैंकों के विलय से होने वाले फायदे भी गिनाए। उन्होंने एक ट्वीट में ग्रैफिक्स शेयर किया, जिसमें कहा गया है-
1. विलय से बना नया बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा।
2. आर्थिक पैमानों पर यह मजबूत प्रतिस्पर्धी बैंक होगा।
3. इसमें तीनों बैंकों के नेटवर्क्स एक हो जाएंगे, डिपॉजिट्स पर लागत कम होगी और सब्सिडियरीज में सामंजस्य होगा।
4. इससे ग्राहकों की संख्या, बाजार तक पहुंच और संचालन कौशल में वृद्धि होगी। साथ ही, ग्राहकों को ज्यादा प्रॉडक्ट्स और बेहतर सेवा ऑफर किए जा सकेंगे।
5. विलय के बाद भी तीनों बैंकों के एंप्लॉयीज के हितों का संरक्षण किया जाएगा।
6. बैंकों की ब्रैंड इक्विटी सुरक्षित रहेगी।
7. तीनों बैंकों को फिनैकल सीबीएस प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
8. नए बैंक को पूंजी दी जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोगी बैंकों का एसबीआई में विलय किया जा चुका है। दरअसल, सरकार महसूस कर रही है कि कुछ बैंकों के संचालन लागत के मुकाबले फायदे कम हैं इसलिए बैंकों के विलय को लेकर लगातार विचार-विमर्श होता रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सरकार ने इन तीनों बैंकों के विलय का ऐलान कर दिया।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »