नेपाल में चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन, शी जिनपिंग की तस्‍वीरें जलाईं

काठमांडू। भारत-चीन सीमा पर भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद अब दोनों देशों के बीच संबंध और भी तनावपूर्ण हो गए हैं। इस क्रम में नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित चीनी दूतावास के बाहर में गुरुवार को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे एक्टिविस्ट चीन से शांति बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
पड़ोसी देश नेपाल में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चीन पर शांति भंग करने का आरोप भी लगाया और चीन को युद्ध के हालात पैदा करने का कारण बताया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने नेपाल की राजधानी स्थित चीनी दूतावास के सामने प्रदर्शन किया इसमें अपील की गई है कि चीन दुनिया में शांति को आगे बढ़ाए न कि युद्ध को।
सोमवार को पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों के बीच तनातनी में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए जिसके बाद बुधवार को भारत के सभी राज्यों में चीन के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। आक्रोशित लोगों ने चीन के सामानों को तोड़ दिया यहां तक कि गुजरात में वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तस्वीरों को आग के सुपुर्द किया। इसके अलावा चीन मुर्दाबाद के भी नारे लगाए गए।
नेपाली संसद में उस विवादित नक्शे को हाल में ही पास किया गया जिसपर भारत की ओर से विरोध जताया जा रहा है। नेपाल भारत के कालापानी और लिपुलेख को अपना हिस्सा बता रहा है। जिसके कारण दोनों देशों के बीच इस समय तनाव बना हुआ है। भारत-चीन में सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत के सख्‍त रुख के बाद अब चीनी मीडिया ने पाकिस्‍तान और नेपाली सेना को धमकी दी है। चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि भारत का चीन के साथ पाकिस्‍तान और नेपाल के साथ सीमा विवाद चल रहा है। भारतीय सेना को दो या तीन मोर्चो पर दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

-एजेंसियां

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